अमेरिका : माइकल तूफान से 1 की मौत

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अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य में तूफान माइकल से एक शख्स की मौत हो गई, जबकि हजारों घरों में बिजली नहीं आ रही है।

‘सीएनएन’ के मुताबिक, माइकल ने फ्लोरिडा के मेक्सिको बीच के पास बुधवार दोपहर दो बजे के आसपास दस्तक दी। तूफान ने घरों और बंदरगाहों को तबाह कर दिया और जहां कभी शॉपिंग सेंटर हुआ करते थे वहां अब मलबों का ढेर है।

गेडस्डेन काउंटी शेरिफ कार्यालय के मुताबिक, बुधवार को फ्लोरिडा के ग्रीन्सबोरो में एक घर पर पेड़ गिरने से एक शख्स की मौत हो गई।

90 किलोमीटर प्रतिघंटे की तेज रफ्तार हवाओं के साथ श्रेणी-1 का तूफान अब दक्षिणपश्चिम जॉजिर्या में अल्बनि के पास करीब 17 मील प्रति घंटे की रफ्तार से पहुंच रहा है।

इस बीच, खाड़ी तट के पास बाढ़ जैसी स्थिति जारी है जहां गिरे हुए पेड़ और बिजली के खंबों से बचाव के प्रयासों में मुश्किल आ रही है।

फ्लोरिडा के नौ काउंटियों में कर्फ्यू लगाया गया है।

नेशनल हरीकेन सेंटर के अनुसार, अलाबामा, फ्लोरिडा, जॉर्जिया, साउथ कैरोलिना और नॉर्थ कैरोलिना के कुछ हिस्सों के लिए उष्णकटिबंधीय तूफान चेतावनी प्रभावी है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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