शिक्षा के अधिकार के कानून में बदलाव

0
493

जयपुर। लोकसभा में बुधवार को मानसून सत्र की शुरुवात हुई और सदन ने पहले दिन की कार्यवाही में शिक्षा के अधिकार के कानून में बदलाव किए है। सरकार ने इस कानून में संशोधन लेकर अब कक्षा 5 और कक्षा 8 में फेल होने वालों को, राज्य सरकार चाहे तो वापस उसी कक्षा में वापस भेज सकती है।

अब तक के शिक्षा के अधिकार में ये नियम है कि किसी भी बच्चे को कक्षा 8 तक फेल नही किया जाता है। ये इसलिए किया जाता था ताकि कोई भी बच्चा कक्षा 8 तक कि पढ़ाई पूरे कर सके और ऐसा माना जाता था कि कक्षा दोहराने से बच्चे पर मनोवैज्ञानिक रूप से असर पड़ सकता है और ये स्कूल ड्रॉपआउट का बड़ा कारण था ।

लेकिन अब सरकार ने इस कानून में संशोधन लेकर ये फैसला राज्य सरकारों को दे दिया है। अब राज्य की सरकारे तय करेगी कि वो किसी बच्चे को 5वी कक्षा तक फैल नही करना चाहती या कक्षा 8वी तक। राज्य सरकार चाहे तो इस संशोधन को लागू नही भी कर सकती है।

हालांकि इस संशोधन की सभी जगह से आलोचना की जा रही है। आपको बता दे कि ये बिल सरकार पहले भी ला चुकी है लेकिन तब ये बिल स्टैंडिंग कमेटी के पास चला गया था जिसके बाद कमेटी ने इस बिल में बिना कोई बदलाव किए वापस लौटाया है। अगर ये बिल राज्य सभा में भी पास हो जाता है तो ये संशोधन लागू हो जाएगा।

शिक्षा के अधिकार से जुड़े लोगों का मानना है कि अगर ये संशोधन लागु होता है तो ये शिक्षा व्यवस्था के लिए काफी नुकसानदायक है क्यों की सरकार अच्छी शिक्षा व्यवस्था नहीं दे पाती है और इसका खामियाजा बच्चो को भुगतना पड़ेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here