आंबेडकर की प्रेरणा से समुद्री क्षेत्र बना आकर्षक : पीएम मोदी

0
147

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नेशनल मैरीटाइम डे की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समुद्री क्षेत्र को आकर्षक बनाने के सरकार के प्रयास दलितों के मसीहा बी.आर. आंबेडकर से प्रेरित हैं। उन्होंने ट्वीट करके कहा, “बाबा साहेब ने ही जलशक्ति, जलमार्गो, सिंचाई, नहरों और बंदरगाहों को सर्वाधिक महत्व प्रदान किया था। इस क्षेत्र में उनका काम भारत के लोगों के लिए भविष्योन्मुखी रहा है।”

मोदी ने अपने ट्वीट में लिखा कि भारत में समुद्री क्षेत्र का समृद्ध इतिहास रहा है और इसमें देश में बदलाव लाने का सामथ्र्य भी है।

उन्होंने आगे कहा, “नेशनल मैरीटाइम डे पर राष्ट्र की समृद्धि के लिए समुद्री शक्ति का उपयोग करने के संबंध में हम अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं।”

भारत के स्वामित्व वाले पहले जहाज एसएस लॉयल्टी के 1919 में बंबई से लंदन के लिए रवाना होने के दिन की याद में हर साल नेशनल मैरीटाइम डे मनाया जाता है।

मोदी ने बाबू जगजीवन राम को भी उनकी जयंती पर याद किया और कहा कि वह स्वावलंबी और परिश्रमी थे जिनके योगदान को राष्ट्र कभी नहीं भूल सकता।

मोदी ने ट्विटर पर लिखा, “स्वतंत्रता सेनानी और दिग्गज प्रशासक के रूप में उन्होंने भारत की जो सेवा की है वह अभूतपूर्व है। बाबूजी लोकतंत्र के सच्चे समर्थक थे, जिन्होंने अधिनायकवाद के सामने झुकने से इनकार कर दिया था। भारत उनकी जयंती पर उन्हें याद करता है।”

बाबूजी के नाम से लोकप्रिय जगजीवन राम बिहार के रहने वाले थे और देश की राजनीति में कद्दावर राजनेता थे। ऑल इंडिया डिप्रेस्ड क्लासेज लीग की स्थापना में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleतब्बू,सैफ और सोनाली पर भी हुआ था मुकदमा दर्ज पर केवल सलमान ही पाए गए दोषी,आखिर क्यों
Next articleभारतीय लोगों के दिमाग का खाका तैयार कर रहे हैं वैज्ञानिक, रोचक तथ्य सामने आएंगे
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here