अंबानी ने 2जी के अंत की बात कही, मित्तल ने करों को कम करने पर दिया जोर

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रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के अध्यक्ष मुकेश अंबानी ने शुक्रवार को कहा कि सरकार को दूसरी पीढ़ी (सेकंड जनरेशन) की मोबाइल कनेक्टिविटी को समाप्त करने के लिए नीतिगत उपाय करने चाहिए, क्योंकि यह लोगों को इंटरनेट कनेक्टिविटी से दूर करती है। भारत में पहली मोबाइल फोन कॉल की रजत जयंती के अवसर पर अंबानी ने कहा कि दूरसंचार दिग्गजों ने अब तक की उपलब्धियों को चिह्न्ति किया है। उन्होंने कहा कि यह उन बाधाओं को देखने का एक अवसर है, जिसने भारतीय उपभोक्ताओं और भारतीय समाज को डिजिटल क्रांति का पूरी तरह से लाभ उठाने से रोका है।

अंबानी ने कहा, मैं विशेष रूप से इस तथ्य की ओर ध्यान दिलाना चाहता हूं कि देश में अब भी 30 करोड़ मोबाइल ग्राहक 2जी के दौर में फंसे हुए हैं। फीचर फोन की वजह से ये लोग ऐसे समय इंटरनेट के इस्तेमाल से दूर हैं, जबकि भारत और शेष दुनिया 5जी टेलीफोनी के दौर में प्रवेश की तैयारी कर रही है।

उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि 2जी को अब इतिहास का हिस्सा बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की जरूरत है।

अंबानी के जियो प्लेटफॉर्म्स ने पहले ही घोषणा कर दी है कि वह जल्द ही एक एंट्री-लेवल एंड्रॉएड स्मार्टफोन लॉन्च करने के लिए गूगल के साथ साझेदारी करेगी। रिलांयस जियो ने 2017 में जियो फोन नाम से एक फीचर फोन लॉन्च किया था, जिसका वर्तमान में देश के फीचर फोन उपयोगकर्ताओं (यूजर्स) के बीच 20 प्रतिशत का स्थापित आधार है।

उन्होंने माना कि अगले 25 सालों में गतिशीलता (मोबिलिटी) में और भी अधिक लुभावने बदलाव आएंगे। आरआईएल के अध्यक्ष ने कहा कि भारत को प्रौद्योगिकी के प्रमुख क्षेत्रों में बाकी दुनिया से आगे लाने का समय आ गया है।

सीओएआई द्वारा आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम में बोलते हुए भारती एयरटेल के अध्यक्ष सुनील भारती मित्तल ने सरकार से उद्योग की वृद्धि के लिए करों और शुल्क को कम करने का आह्वान किया।

पिछले 25 वर्षों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए मित्तल ने कहा कि अगले 25 वर्षों में पूरे देश में आईओटी कनेक्टिविटी, कम विलंबता और पूर्ण 5जी कनेक्टिविटी देखी जाएगी।

प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भारत के पास मोबाइल और दूरसंचार में स्थानीय विनिर्माण के क्षेत्र में नेतृत्व करने का समय आ गया है।

नवनियुक्त सीओएआई के महानिदेशक एस. पी. कोचर ने कहा कि अब कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे में आत्मनिर्भरता और सुरक्षा पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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