पॉडकास्ट नेटवर्क वंडरी को खरीदने पर Amazon की बातचीत

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अमेजन की योजना कथित तौर पर पॉडकास्ट स्टार्टअप वंडरी को खरीदने की बताई जा रही है और इसी के साथ कंपनी ऑडियो सेक्टर में भी अपने पैर पसारने की तैयारियों में जुटी हुई है। इस विषय के जानकार लोगों ने द वॉल स्ट्रीट जर्नल को बताया कि वंडरी की कीमत तीस करोड़ डॉलर बताई जा रही है, जबकि साल 2019 के जून में कंपनी की कीमत दस करोड़ डॉलर आंकी गई थी।

वंडरी इस साल चार करोड़ डॉलर अधिक मुनाफा कमाने की कोशिश में है। कंपनी की लगभग 75 फीसदी कमाई विज्ञापनों से होती है, जबकि बाकी की कमाई टीवी और सब्सक्रिप्शन सर्विसेज की लाइसेंसिंग से होती है।

साल 2016 में वंडरी को लॉन्च किया गया था। डॉ. डेथ, डर्टी जॉन, बिजनेस वॉर्स, द श्रिंक नेक्स्ट डोर और ग्लेडिएटर जैसे अपने शोज के माध्यम से यह दर्शकों का दिल जीत चुकी है।

यह वंडरी के लिए एक आखिरी बड़ा मौका हो सकता है, जिसके तहत वह अमेजन जैसी किसी बड़ी कंपनी द्वारा अधिग्रहण किए जाने के साथ पॉडकास्टिंग के बढ़ते बाजार में अपनी स्थिति को मजबूत बना सकता है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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