तारे से ग्रह में तब्दील होता अद्भुत नज़ारा तस्वीरों में हुआ कैद

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जयपुर। सितारों के आगे एक दुनिया और भी है। इसका मतलब किसी खगोल विज्ञानी के लिये बहुत खास है। सितारों के ऊपर अध्ययन करने के लिये दुनिया के कई वैज्ञानिक अपनी पूरी ज़िंदगी लगा चुके हैं कुछ राज खोले कुछ अधूरे से है दामन में ब्रह्माण्ड की गोद में रहस्यों का और पिटारा है।  आज कल जो भी खोज ब्रह्मांड को लेकर होती है वह बिल्कुल नये जैसे ही लगते हैं। हाल ही में वैज्ञानिकों ने एक शोध किया है जिसमें तारों के निर्माण के बारे में पता लगाया है। आपकों जानकर हैरानी होगी की तारा धीरे-धीरे एक ग्रह में तब्दील हो जाता है।

खगोलविदों ने पहली बार पृथ्वी से लगभग 450 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित एक तारे के भीतर बन रहे एक ग्रह की खोज कि और तस्वीरें भी ली इन तस्वीरों को देख कर आप यकिन नहीं कर पाओगे। एक तार कैसे अपने आपको एक ग्रह में बदल देता है। वैज्ञानीकों ने इस तारे को एलकेसीए 15 नाम दिया गया है। हालांकि पृथ्वी से डिस्क की दूरी बहुत ही ज्यादा दूर थी और वहां के गैस तथा धूल से भरे वायुमंडल से फोटो लेने में काफी परेशानी हो रही थी

लेकीन फिर भी वैज्ञानीकों यह कमाल दिखाया है। तारे से ग्रह बनने के इस दुर्लभ नज़ारे की तस्वीर वाकई बहुत ही रोचक है। यह ब्रह्मांड में सबसे नया ग्रह है एलकेसीए 15 एक नया तारा के आसपास एक परिवर्तनीय डिस्क मौजूद है। आपको बता दे की यह डिस्क ही इस नये ग्रह की जन्मस्थली है। शोधकर्ताओं ने बताया की इस ग्रह की तस्वीर ली है, जो अभी भी एक नवजात शिशु की तरह धीरे-धीरे विकसित हो रहा है।

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