अमरेंद्र ने नीतीश से की बात, कहा-बिहार के लोगों का ध्यान रखेगा पंजाब

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कोरोनावायरस से हो रहे संक्रमण से बचने के लिए पूरे देश मे लॉकडाउन है। लोगों का काम धंधा बंद है। ऐसे में गरीब और दिहाड़ी मजदूर लगातार पलायन कर रहे हैं। इस संकट की घड़ी में लोग अपने अपने गृह राज्य पहुंचने को बेताव हैं। ऐसे में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने राज्य से पलायन रोकने की पहल की है। इस संदर्भ में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बात की। कैप्टन ने नीतीश कुमार से कहा कि वे पंजाब में रह रहे बिहार के सभी लोगों से अपील करें कि वह पंजाब में ही रहे, पलायन न करें। पंजाब सरकार इन लोगों के खाने-पीने और दूसरी व्यवस्थाओं का पूरा ख्याल रखेगी।

गौरतलब है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहले ही विभिन्न राज्यों में रह रहे बिहार के लोगों से अपील करते हुए कहा है कि जो जहां है, वही रहे। यहां तक कि नीतीश कुमार ने दिल्ली और देश के अन्य राज्यों से पलायन पर नाखुशी जाहिर की थी और कहा था कि इससे लॉकडाउन का मकसद बेकार जाएगा। बाद में मुख्यमंत्री नीतीश की अपील के बाद गृह मंत्रालय ने पलायन पर सख्ती दिखाते हुए इस पर रोक लगा दी थी।

इससे पहले सोमवार शाम तक 40 हजार से अधिक लोग दिल्ली और देश के विभिन्न हिस्सों से बिहार पहुंच गए थे। जिसके बाद राज्य की सीमा को सील कर दिया गया है। जो लोग बिहार की सीमा में प्रवेश कर चुके हैं उन सभी को जांच के बाद बसों से उनके गांवों के क्वारंटाइन सेंटर तक पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन इन लोगों को उनके ही गांव और कस्बो में बने अलग-अलग सेंटर में 14 दिनों तक रखेगा, जिसके बाद ही इन लोगों को घर वालों से मिलने दिया जायेगा।

बिहार सरकार के मुताबिक अबतक 60 से ज्यादा सीमावर्ती आपदा राहत केंद्रों से 40 हजार से ज्यादा प्रवासियों को उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचाया जा चुका है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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