सुशांत अब नहीं है, इस सच के साथ जीने में मुझे वक्त लगेगा : श्वेता

0

श्वेता सिंह कीर्ति का कहना है कि उन्हें इस बात को समझने में काफी लंबा वक्त चाहिए कि उनका भाई सुशांत सिंह राजपूत अब इस दुनिया में नहीं है। इस सच से उबरने की प्रक्रिया धीमी है। श्वेता ने इंस्टाग्राम पर एक नोट साझा कर सुशांत के प्रशंसकों को धन्यवाद दिया है, जिन्होंने अभिनेता को न्याय दिलाने के उनके सफर में अपना पूरा समर्थन दिया है।

श्वेता ने अपने नोट में लिखा, “मैं गहरे दुख से गुजरी हूं और अब भी गुजर रही हूं। जब भी मुझे लगता है कि अब मैं एक सामान्य जीवन जी सकती हूं, तभी कोई नया दुख सामने आ जाता है। इससे उबरने में मुझे वक्त लगेगा और धर्य भी। अगर मैं अपने जख्मों को कुरेदती रहूंगी और सोचती रहूंगी कि यह ठीक हो गया है या नहीं, तो बात और बिगड़ेगी। जिस भाई को मैंने खोया है, उसके साथ पल-पल बिताते हुए मैं बड़ी हुई हूं। वह मेरा एक अहम हिस्सा है। हम दोनों एक-दूसरे के पूरक रहे हैं। अब चूंकि वह नहीं है, तो मुझे इसे समझने और इसके साथ जीने में वक्त लगेगा।”

श्वेता आगे लिखती हैं, “लेकिन मैं एक बात जानती हूं और वो ये कि ईश्वर अपने सच्चे भक्तों का साथ कभी नहीं छोड़ते हैं। उन्हें पता है कि यहां कितने सारे दिलों में दर्द समाया हुआ है और वह ये जरूर सुनिश्चित करेंगे कि सच आगे आए। ईश्वर और उनकी दयालुता पर भरोसा रखिए। एकजुट बनकर रहिए और कृपया एक-दूसरे के साथ मत लड़िए। जब हम दुआ मांगते हैं, तब हम अपने दिलों का शुद्धिकरण करते हैं और अभिव्यक्ति के लिए ईश्वर के लिए जगह बनाते हैं।”

श्वेता ने इसके आगे लिखा, “ईश्वर, प्यार, दया और सहिष्णुता के अलावा और कुछ भी नहीं है। हालांकि यह कहने का मतलब ऐसा नहीं है कि हम न्याय के लिए अपनी आवाज उठाना बंद कर दें। ऐसा करें, लेकिन सम्मान और दृढ़ता के साथ। क्रोध में रहेंगे, तो हमारे अंदर की ऊर्जा जल्द ही खत्म हो जाएगी। जिस इंसान में विश्वास और धैर्य बना रहता है, वह काफी दूर तक चलता है। मैं अपने एक्टेंडेड फैमिली से यही उम्मीद रखती हूं।”

श्वेता आखिर में लिखती हैं, “आप लोगों को नहीं पता कि आप सभी मेरे लिए कितना मायने रखते हैं। एक परिवार के तौर पर हमें जितना प्यार और समर्थन मिला है, उसने इंसानियत और भगवान पर मेरे विश्वास को अटूट बना दिया है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि वह हमें सच्चाई और रोशनी के मार्ग पर आगे लेकर जाए।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleAUS vs IND, Test Series: पहले टेस्ट मैच की प्लेइंग XI का ऐलान, Virat Kohli होंगे कप्तान
Next articlePakistan PM कोरोनावायरस पर करेंगे देश को संबोधित
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here