तीनों निगम चेयरमैन घर के सामने बैठे रहे, एसी कमरे से नहीं निकले केजरीवाल :BJP

0

दिल्ली नगर निगमों का करीब 13 हजार करोड़ रुपये बकाये के भुगतान की मांग को लेकर तीनों महापौर सोमवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर के सामने डेरा डाल दिए। भाजपा ने कहा है कि सुबह से शाम तक तीनों निगमों के महापौर के घर के सामने बैठे रहने के बावजूद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने एसी कमरे से नहीं निकले। प्रदेश अध्यक्ष आदेश कुमार गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री केजरीवाल आज तो नहीं मिले, लेकिन कल फिर से तीनों निगमों के महापौर एवं वरिष्ठ पदाधिकारी मुख्यमंत्री आवास के बाहर मिलने के लिए जाएंगे।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश कुमार गुप्ता ने कहा कि दिल्ली विधानसभा में मुख्यमंत्री केजरीवाल ने स्वयं कहा था कि उन्हें नगर निगम का 13000 करोड़ रुपये बकाया देना है। एक हफ्ते पहले ही तीनों निगमों के महापौर ने सीएम केजरीवाल को पत्र लिखा था, जिसमें निगम की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बारे में और निगम कर्मचारियों के वेतन संकट से अवगत कराया था। लेकिन सीएम केजरीवाल की ओर से कोई भी सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, “दिल्ली के तीनों नगर निगम के महापौर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से निगम के बकाया 13,000 करोड़ रुपये कि मांग के लिए उनके घर के बाहर सुबह से शाम तक जमीन पर बैठे रहे लेकिन केजरीवाल अपने एसी कमरे से बाहर नहीं निकले।”

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि निगमों के अच्छे कामों का श्रेय लेने के लिए मुख्यमंत्री केजरीवाल बड़े-बड़े होर्डिग और प्रचार कर रहे हैं, लेकिन निगम के कर्मचारियों को वेतन देने के लिए फंड नहीं दे रहे हैं। दिल्ली भाजपा और तीनों नगर निगम, निगम कर्मचारियों के साथ दिल्ली सरकार को भेदभाव नहीं करने देगी।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleनासा का ओसाइरस यान बेनु क्षुद्रग्रह पर उतरा, जानिए क्या है कारण
Next articleWeb Series: बोल्डनेस की सारी हदें पार कर रही ये टॉप मशहूर वेब सीरीज
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here