अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने 9 छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की

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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) ने जम्मू-कश्मीर में मारे गए आतंकवादी मन्नान बशीर वानी के शोक में बैठक करने जा रहे नौ छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की है। वानी आतंकवादी संगठन में शामिल होने से पहले पीएचडी का छात्र था। उसे कुपवाड़ा जिले में सुरक्षाबलों ने मार गिराया था।

एएमयू के अधिकारी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के छात्रों के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

एएमयू मीडिया मामलों के प्रमुख प्रोफेसर एस किदवई ने आईएएनएस को बताया कि जांच समिति को 72 घंटे में अपनी रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा गया है।

किदवई ने कहा कि एएमयू में राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा, “कुछ छात्रों ने वानी के समर्थन में अवैध तरीके से इकट्ठा होने की कोशिश की थी लेकिन उन्हें हटा दिया गया। बाद में, नौ छात्रों की पहचान की गई और उन्हें अपने कृत्य के लिए कारण बताओ नोटिस दिया गया है।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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