कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से खोजे जाएंगे एलियन, जानिए कैसे ?

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दूसरे ग्रहों पर जीवन की तलाश कर रहे खगोलविदों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहायक सिद्ध हो सकती है। यह खुलासा एक नए शोध में हुआ है। ब्रिटेन की प्लाइमाउथ विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने कृत्रिम तंत्रिका नेटवर्क (एएनएन) का उपयोग कर ग्रहों को पांच श्रेणियों में बांटा। यह वर्गीकरण मौजूदा पृथ्वी, प्रारंभिक पृथ्वी, मंगल, बुध या शनि के चंद्रमा टाइटन के आधार पर किया गया। हर मामले में जीवन की प्रत्याशा का अनुमान लगाया गया।

इन सभी स्थानों पर वातावरण है और सौर मंडल में जीवन के लिए ये स्थान सर्वाधिक अनुकूल हैं। विश्वविद्यालय के क्रिस्टोफर बिशप ने कहा, “फिलहाल हमारी रुचि एक काल्पनिक, बुद्धिमान, सौरमंडल में मौजूद अन्य ग्रहों का विश्लेषण करने वाले अंतरिक्ष यान को प्राथमिकता देने के लिए इन एएनएन में है।”

उन्होंने कहा, “भविष्य में रोबोटिक अंतरिक्ष यान में प्रौद्योगिकी के उपयोग की जरूरत पड़ने पर इसकी जरूरत पड़ेगी।”

एएनएन ऐसे तंत्र हैं, जो मानव मस्तिष्क की तरह समझने की कोशिश करता है। लीवरपूल में यूरोपियन वीक ऑफ एस्ट्रोनॉमी एंड स्पेस साइंस (ईडब्ल्यूएएसएस) में इस शोध को प्रस्तुत किया गया।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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