उत्तर प्रदेश में ‘6 दिसंबर’ को लेकर अलर्ट, संवेदनशील स्थानों पर चौकसी

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अयोध्या में बाबरी ढांचा विध्वंस की बरसी 6 दिसंबर को लेकर पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी हुआ है। पुलिस अफसरों को इस दिन अपने कार्यक्षेत्र से बाहर न जाने को कहा गया है। इस दिन जुमा (शुक्रवार) होने के कारण प्रशासन और ज्यादा एहतियात बरत रहा है। पुलिस को मिश्रित आबादी वाले स्थानों पर निगराने करने के लिए कहा गया है। पुलिस को सोशल मीडिया की मॉनीटरिंग के लिए निर्देश दिए गए हैं। कहा गया है कि धार्मिक भावनाएं भड़काने वाला ट्वीट या फेसबुक पोस्ट दिखते ही संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

दरअसल, अयोध्या में ढांचा विध्वंस के बाद से हर साल छह दिसंबर को हिंदू संगठन शौर्य दिवस के रूप में मनाते हैं और मुस्लिम समुदाय काला दिवस (बाबरी शहादत दिवस) मनाता है। हालांकि अयोध्या विवाद में पिछले महीने आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जिस तरह सभी पक्षों की तरफ से शांति बरती गई और किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई, उससे देश और दुनिया में बड़ा संदेश गया है। कड़ी चौकसी के कारण अराजक तत्व भी अपने नापाक मंसूबे में सफल नहीं हुए।

अब 6 दिसंबर को लेकर भी शासन-प्रशासन के स्तर से एहतियात बरती जा रही है। आशंका है कि इस दिन अराजक तत्व खुराफात कर सकते हैं। ऐसे में सभी जिलों को अलर्ट मोड में कर दिया गया है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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