BJP के लिए मुख्य चुनौती बनकर उभरे Akhilesh Yadav

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उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के बीच विवाद ने दोनों दलों के बीच फिर से कड़वाहट पैदा कर दी है। मगर फिलहाल स्थिति सपा के लिए कारगर होती दिख रही है।

सपा अब राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए मुख्य चुनौती बनकर उभर रही है। यहां तक कि पार्टी के भीतर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के कट्टर आलोचक भी स्वीकार कर रहे हैं कि उनके ‘मास्टरस्ट्रोक’ ने विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी का पलड़ा भारी कर दिया है।

पार्टी के वरिष्ठ नेता मुलायम सिंह यादव से निकटता रखने वाले सपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “बसपा के साथ गठबंधन की अखिलेश की गलती से पिछले साल के लोकसभा चुनावों में हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन अब वह इसके लिए तैयार हो गए हैं।”

बसपा अध्यक्ष मायावती गुरुवार को सपा के जाल में तब फंस गईं, जब उन्होंने घोषणा की कि वह अगले विधान परिषद चुनाव में सपा को हराने के लिए भाजपा का समर्थन करने में भी संकोच नहीं करेंगी।

पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा, “उन्होंने आखिरकार दुनिया को बता दिया है कि वह भाजपा के साथ हाथ मिला रही हैं। इन सभी वर्षो में उन्होंने अल्पसंख्यकों को गुमराह किया है, लेकिन अब वह पूरी तरह से बेनकाब हो गई हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “बेशक हमारे स्वतंत्र उम्मीदवार का नामांकन बिना किसी वैध कारण के रद्द कर दिया गया, लेकिन हमने राजनीतिक रूप से बढ़त हासिल कर ली है।”

उन्होंने यह भी कहा कि बसपा में जो नेता भाजपा के खिलाफ हैं, अब वे सपा की ओर देख रहे हैं।

समाजवादी पार्टी को इस तथ्य को लेकर उत्साहित है कि अब उत्तर प्रदेश में वही सत्तारूढ़ भाजपा के लिए मुख्य चुनौती है और 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा विरोधी मतों का विभाजन ‘बहुत कम’ हो पाएगा।

कांग्रेस, जिसने शुरू में उत्तर प्रदेश में विपक्ष के तौर पर एक बड़ी ताकत के रूप में उभरने का दावा किया था, वह अपनी ही पार्टी में आपसी मतभेद से परेशान है।

उत्तर प्रदेश में होने वाले उपचुनाव से पहले कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है। उन्नाव से 2009 में सांसद का चुनाव जीतने वाली कद्दावर नेता अन्नू टंडन ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी की नीतियों पर नाराजगी भी जताई। इसके अलावा उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से प्रियंका गांधी वाड्रा पर भी निशाना साधा। इसलिए यह कहा जा सकता है कि उत्तर प्रदेश में मजबूत विपक्ष के तौर पर वर्तमान परिस्थिति सपा के पक्ष में दिखाई दे रही है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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