Ahmedabad University ने ऑनलाइन आयोजित किया अपना 10वां दीक्षांत समारोह

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अहमदाबाद विश्वविद्यालय की ओर से 10वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया, जिसमें 2020 के बैच से 826 विद्यार्थियों ने अपनी स्नातक की डिग्री पूरी की। पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष के. श्रीनाथ रेड्डी ने अहमदाबाद विश्वविद्यालय के 2020 बैच के स्नातक छात्रों को दीक्षांत समारोह में संबोधित किया।

यह कार्यक्रम रविवार को ऑनलाइन आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों के साथ ही उनके परिजन, कुलाधिपति संजय लाल भाई, कुलपति पंकज चंद्रा और अहमदाबाद विश्वविद्यालय के सभी डीन और फैक्लटी की सक्रिय भागीदारी देखी गई।

वर्ष 2020 के स्नातक बैच में अम्रुत मोडी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के 608 छात्र, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंगएंड एप्लाइड साइंस के 132 छात्र, स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड साइंसेज के 50 छात्र और स्कूल ऑफ कंप्यूटर स्टडीज के 36 छात्र शामिल हुए। इसमें जीवन विज्ञान और इंजीनियरिंग से चार डॉक्टर छात्र भी शामिल हैं।

अपने संबोधन में, रेड्डी ने एक मजबूत सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के निर्माण के लिए एक साथ आने की आवश्यकता पर जोर दिया, जो अपने पूरे जीवन काल के दौरान हर व्यक्ति को अच्छा स्वास्थ्य प्रदान कर सकती है। इसके साथ ही उन्होंने कोरोनावायरस महामारी से उभरने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

रेड्डी ने कहा, ‘बिल्ड बैक बैटर’ हमारा आज के समय का नारा है।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य में भी शिक्षा एवं अनुसंधान की तरह ही जीवन विज्ञान, परिमाणात्मक विज्ञान, सामाजिक एवं व्यवहार विज्ञान और हेल्थ टेक्नोलॉजी व हेल्थ मैनेजमेंट के साथ ही हेल्थ सिस्टम साइंस का संगम बनाना आवश्यक है।

रेड्डी ने शिक्षा की अंत:विषय प्रकृति को भी दोहराया, जो अब आवश्यक है, क्योंकि हम दुनिया के जटिल मुद्दों के समाधान खोजने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी को एक साथ लाने की जरूरत है, भले ही इन्हें विभिन्न संस्थानों में अलग-अलग विषयों के रूप में पढ़ाया जा रहा हो।

उन्होंने कहा, “एक मजबूत सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के निर्माण के लिए एक साथ आने की जरूरत है, जो हर व्यक्ति को अपने पूरे जीवनकाल में अच्छा स्वास्थ्य प्रदान कर सके।”

अहमदाबाद विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संजय लाल भाई स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, प्रौद्योगिकी और स्थिरता के नए क्षेत्रों में नए और उभरते अवसरों के बारे में व्यावहारिक हैं। उन्होंने छात्र के लिए अच्छी तरह से सीखने वाली भूमिकाओं पर जोर दिया और डेटा विज्ञान और ज्ञान का दृढ़ता से समर्थन किया, जो छात्रों को विकासात्मक डोमेन के माध्यम से ज्ञान अर्जित करने और जटिल वातावरण में अपने क्षेत्रों में नेताओं के रूप में उभरने की अनुमति देगा।

अहमदाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति पंकज चंद्रा ने कहा कि शैक्षणिक वर्ष 2019 विश्वविद्यालय के लिए महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ है।

चंद्रा ने कहा, “हमने अपने नए स्नातक पाठ्यक्रम की शुरूआत की एवं अपने लिबरल आर्ट्स प्रोग्राम (बैचलर ऑफ आर्ट्स एंड बैचलर ऑफ साइंस) के उद्घाटन वर्ग में प्रवेश किया और एक विशिष्ट इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम लॉन्च किया। इस वर्ष फैक्लटी ने देश और दुनिया भर में विभिन्न एजेंसियों से प्रतिस्पर्धी अनुसंधान अनुदान प्राप्त किया। फैक्लटी ने वार्षिक अर्थशास्त्र सम्मेलन और बिग डेटा एनालिटिक्स पर सातवें अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया और हमारे छात्रों ने एलएसई व टेक्सास विश्वविद्यालय के साथ ही अहमदाबाद, बेंगलुरू और कोलकाता के आईआईएम जैसे शीर्ष संस्थानों में प्रवेश किया।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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