एजीआरः सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं टेलीकॉम कंपनियां, दायर की पुनर्विचार याचिका

0

जयपुर। भारती एयरटेल वोडाफोन आइडिया और टाटा टेलीसर्विसेज ने सुप्रीम कोर्ट के द्वारा समायोजित सकल राजस्व पर 24 अक्टूबर को दिए गए फैसले पर पुनर्विचार याचिका को दायर कर दिया है।

बता दे कि सुप्रीम कोर्ट ने 24 अक्टूबर को यह फैसला दिया था कि लाइसेंस और स्पेक्ट्रम फीस का भुगतान की गणना के लिए ईजीआर ने नॉन टेलीकॉम रेवेन्यू भी शामिल किया जाए। इस फैसले से टेलिकॉम कंपनियों को सरकार को देनदारी बढ़ गई है।

वही आपको बता दें कि इस फैसले से टेलीकॉम कंपनी की सरकार को देनदारी बढ़ गई है और यही वजह है कि टैरिफ बढ़ाने का इलाज भी वह कर चुके हैं और अगले महीने तक बढ़ाने की घोषणा भी कर दी गई है। इन कैबिनेट ने वित्तीय संकट से जूझ रही दूरसंचार कंपनियों को राहत देते हुए उनके लिए स्पेक्ट्रम की किस्त का भुगतान 2 साल तक टालने के लिए भी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

वहीं इसके अलावा आपको बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फैसले की जानकारी देते हुए कहा है कि दूरसंचार कंपनियों को साल 2020 साल 2021 और साल 2021 222 साल के लिए स्पेक्ट्रम किस्त भुगतान से छूट दी गई है। सूत्रों के मुताबिक सरकार के फैसले से दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल वोडाफोन आइडिया और रिलायंस जिओ को ₹42000 की राहत मिली है।

आपको बता दें कि ईजीआर संबंधित देनदारी में बढ़ोत्तरी हो सकती थी। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि कंपनी ने टेलीकॉम डिपार्टमेंटल से मिले नोटिस के आधार पर ईजीआर के मूल रकम के 11000 करोड रुपए के होने का अनुमान लगाया है। है आपको बता दें कि पिछले दो-तीन सालों का अनुमान कंपनी के द्वारा खुद लगाया गया है।

वह इसके अलावा को दादी कि सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी को 3 महीने के अंदर इस रकम को भुगतान करने के आदेश भी जारी कर दिए हैं।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here