कोरोना खत्म होने पर हर गांव के व्यक्ति को अयोध्या में कारसेवा कराएंगे : Yogi

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को चित्रकूट पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि कोरोना खत्म होने पर हर गांव के लोगों को कारसेवा कराएंगे। उन्होंने कहा, “भाजपा सरकार में 500 साल के बाद अयोध्या में भव्य मंदिर का निर्माण शुरू हो गया है। कोरोना नहीं होता तो हर गांव से एक व्यक्ति अयोध्या जरूर पहुंचता। खत्म होने पर हर गांव से लोगों को कारसेवा कराएंगे। हमने बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे दिया। बहुत जल्द चित्रकूट, बांदा में घर-घर तक पेयजल पहुंचाएंगे। डिफेंस कोरीडोर की योजना पर काम होगा।”

उन्होंने कहा, “रामायण काल की अति प्राचीन परंपरा के वाहक दो ऋषियों की जयंती है। एक महर्षि वाल्मीकि जी, जिन्होंने भगवान राम से साक्षात्कार कराया। दूसरे राष्ट्रऋषि नानाजी, जिन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना दी। हजारों साल पहले भगवान राम प्रयागराज आए और महर्षि वाल्मीकि जी से मिलकर चित्रकूट गए थे। मैं स्वयं इस धरती का दर्शन करना चाहता था। महर्षि वाल्मीकि के दर्शन को पूज्य तुलसीदास जी ने रामकथा के रूप में घर घर पहुंचाई। भगवान श्रीराम की तपोस्थली चित्रकूट आज नए कदम बढ़ा रही है। जहां किसी प्रकार का कोई भेद भाव नहीं है, वही राम राज्य है।”

योगी ने कश्मीर का जिक्र करते हुए कहा कि विंग कमांडर अभिनंदन को छोड़ने के दौरान पाकिस्तानी सेना कांप रही थी। योगी ने कहा कि दुश्मन को दांत खट्टे करने वाली तोपें भी चित्रकूट में बनेंगी। तुलसी,वाल्मीकि और राम की तपस्थली के साथ ये जिला दुश्मन के दांत भी खट्टे करने में अपनी भूमिका अदा करेगा।

योगी आदित्यनाथ ने कहा, “महार्षि वाल्मीकि हम सब के पूज्य हैं। वाल्मीकि जी ने ही हम सबका भगवान राम से साक्षात्कार कराया । वाल्मीकि रामायण लौकिक भाषा का महाकाव्य है। इसीलिए वाल्मीकि जी आदिकवि कहलाए । दुनिया मे राम को पहुंचाने का श्रेय महर्षि वाल्मीकि को जाता है।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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