आखिर किस कारण से ब्लैक होल हर चीज़ को निगल जाता है?

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जयपुर। वैज्ञानिकों कई अध्ययनों से पता लगाया है कि ब्लैक होल का सम्पूर्ण द्रव्यमान एक बिंदु में केन्द्रित होता है। उसे केन्द्रीय को  विलक्षणता बिंदु कहते हैं। इस विलक्षणता बिंदु के आसपास वैज्ञानिको ने एक गोलाकार सीमा की कल्पना की है जिसे घटना क्षितिज कहा गया है। इसी के कारण से कई चीज़ें विलक्षणता बिंदु की दिशा में आकर्षित होकर खींचे चले जाते हैं। इसमें कोई वस्तु प्रवेश करने के बाद घटना क्षितिज से होकर कोई भी वस्तु बाहर नही आ सकती है। आपको बता दे कि घटना क्षितिज की त्रिज्या को स्क्वार्जस्चिल्ड त्रिज्या के नाम से जाना जाता है,

यह नाम जर्मन वैज्ञानिक और गणितज्ञ कार्ल स्क्वार्जस्चिल्ड के सम्मान में दिया गया है। दिलचस्प बात यह हैं कि कार्ल स्क्वार्जस्चिल्ड और जॉन व्हीलर को ब्लैक होल के खोज का श्रेय दिया जाता हैं। मशहूर वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टाइन  के विशेष सापेक्षता के अनुसार माना जाता है एक निश्चित दूरी पर स्थित एक प्रेक्षक के लिए ब्लैक होल के निकट स्थित घड़ियाँ अत्यंत मंद गति से चलती है। इस विशेष सापेक्षता सिद्धांत के अनुसार समय सापेक्ष है। बता दे कि इस प्रभाव को समय विस्तारण कहते हैं। वैज्ञानिक ने शोध में देखा कि ब्लैक होल के गुरुत्वाकर्षण के कारण, उससे दूर स्थित कोई भी प्रेक्षक यह देखेगा कि

ब्लैक होल के अंदर गिरने वाली कोई भी वस्तु उसके घटना क्षितिज के निकट बहुत कम गति से नीचें गिरती है। वस्तु को उस तक पहुँचनें में अनंत काल-अवधि लगती हुई प्रतीत होती है। वैज्ञानिकों ने पाया कि उस समय उस वस्तु की समस्त गतिविधियाँ अत्यंत धीमी हो गई थी। वैज्ञानिकों ने बताया कि  ब्लैक होल के अंदर गिरने वाली कोई भी वस्तु इतनी अधिक धुंधली हो जाएगी कि दिखाई देना बंद हो जायेगी। अधिकतर लोगों का यह मानना है कि ब्लैक होल वैक्यूम क्लीनर की तरह व्यवहार करता है, लेकिन यह सच नहीं है। लेकिन यह तो सच है कि जो भी वस्तु ब्लैक होल के निकट जायेगा उसे वह अपने आगोश में ले लेगा।

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