आखिर कैसे पनपा उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच विवाद, जानें हैरान करने वाली वजह

0

आप सभी ने उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच दुश्मनी के बारे में तो सुना ही होगा मगर क्या आप जानते है कि इन दो देशों में ​आखिर दुश्मनी कैस हुई तो ​चलिए आज हम आपको इसके बारे में बता दें । कोरिया साल 1948 तक संयुक्त था। दरअसल, 1910 में कोरिया पर जापान ने जबरन कब्जा कर लिया था और यह कब्जा अगस्त 1945 में द्वितीय विश्व युद्ध के अंत तक बना रहा । जब जापानियों ने हथियार डाल दिया, उसके बाद सोवियत संघ की सेना ने कोरिया के उत्तरी भाग को अपने कब्जे में ले लिया जबकि दक्षिणी हिस्से को अमेरिका ने अपने कब्जे में और उसके बाद शुरू हुआ कोरिया के दोनों हिस्सों में साम्यवाद और लोकतंत्र को लेकर संघर्ष ।

अब चूंकि सोवियत संघ और अमेरिका दोनों पहले से ही एक दूसरे के घोर विरोधी थे, ऐसे में कोरिया भी उनकी दुश्मनी की भेंट चढ़ गया । कोरिया के दोनों हिस्सों उत्तर और दक्षिण के बीच जून, 1950 में युद्ध शुरू हो गया । अमेरिकी सेना के साथ 15 अन्य देश दक्षिण कोरिया के साथ आए तो वही उत्तर कोरिया का साथ रूसी और चीनी सेना ने दिया । ये युद्ध लगभग तीन साल तक चला और आखिरकार साल 1953 में युद्ध समाप्त हो गया और स्वतंत्र राष्ट्र बने, जिन्हें आज हम उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के नाम से जानते हैं ।

 

SHARE
Previous articleआखिर क्यों इस संन्यासी की सुरक्षा में तैनात रहते थे 25-30 गार्ड, नाम गोल्डन बाबा
Next articleइस जगह रहता था भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा विश्वासघाती, नाम ‘नमक हराम ड्योढ़ी’
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here