कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हरियाणा में एडवाइजरी जारी

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हरियाणा पुलिस ने बुधवार को कहा कि उसने राष्ट्रीय राजधानी में भड़की हिंसा के मद्देनजर राज्य भर में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर एक एडवाइजरी जारी की है। यह सलाह खासकर दिल्ली से सटे जिलों के लिए जारी की गई है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) नवदीप सिंह विर्क ने कहा कि जिलों में सभी पुलिस आयुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को एक एडवाइजरी जारी की गई है।

विर्क ने कहा कि पुलिस को अपने क्षेत्राधिकार में हिंसा की किसी भी घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त सतर्क रहने और सभी उपाय करने को कहा गया है। क्षेत्र के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिकतम बल जुटाने के लिए भी कहा गया है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भ्रामक जानकारी के प्रति लोगों को सावधान करते हुए विर्क ने कहा कि अफवाह फैलाने वालों के जाल में न फंसे और समाज में शांति बनाए रखने में अपना सहयोग दें।

विर्क ने असामाजिक तत्वों को भी चेतावनी दी कि कानून एवं व्यवस्था को बिगाड़ने और हिंसा पैदा करने के किसी भी प्रयास से सख्ती से निपटा जाएगा।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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