अभिनेत्री रिंकू करमरकर ‘इश्कबाज’ में दिखाई देंगी

0
225

अभिनेत्री रिंकू करमरकर टेलीविजन धारावाहिक ‘इश्कबाज- प्यार की एक ढिंचैक कहानी’ शो में कैमियो भूमिका निभाती दिखेंगी। शो की कहानी शिवांश सिंह ओबेरॉय (नकुल मेहता) और पुलिस अधिकारी अदिति देशमुख (मंजिरी पुपाला) पर केंद्रित है।

धारावाहिक में रिंकू नकारात्मक भूमिका में दिखेंगी, वह शिवांश और उनके परिवार में हलचल पैदा करती नजर आएंगी।

रिंकू ने कहा, “मैं इस शो में अंगद (संकेत चोकसी) की आंटी की भूमिका में हूं, जो ओबेरॉय परिवार को तहस-नहस करेगी। मैं हमेशा अलग-अलग किरदारों के साथ प्रयोग के अवसर तलाशती हूं।”

उन्होंने कहा, “मैं डेढ़ साल के अंतराल के बाद इस तरह के एक दिलचस्प किरदार के साथ छोटे पर्दे पर वापस आने के लिए रोमांचित हूं। मुझे उम्मीद है कि दर्शक इस किरदार में मुझे पसंद करेंगे और इशकी प्रशंसा करेंगी।”

रिंकू करमरकर कई लोकप्रिय टीवी शो में काम कर चुकीं हैं, इनमें ‘कहानी घर घर की’ भी शामिल है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleजैगुआर लैंड रोवर अपने 5,000 कर्मचारियों को दिखा सकता है बाहर का रास्ता, करने जा रही है छंटनी
Next articleब्वॉयफ्रेंड के बर्थडे पर व्हाइट ड्रेस में पहुंचीं शिबानी दांडेकर, ऐसे दी फरहान को विश
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here