अभिनेत्री रानी मुखर्जी ने जताई इच्छा, सलमान की भी बेटी हो

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अभिनेत्री रानी मुखर्जी ने इच्छा जताई है कि ‘हैलो ब्रदर’ के उनके सहकलाकार सलमान खान को एक बेटी हो, जिसकी शादी शाहरुख खान के बेटे अबराम से हो। शाहरुख और सलमान इस सप्ताहांत ‘दस का दम’ में एक साथ दिखाई देंगे। इस दौरान उनके साथ रानी भी कार्यक्रम में शामिल होंगी।

बयान के मुताबिक, दरअसल बातचीत के दौरान शाहरुख ने बताया था कि उनका छोटा बेटा अबराम सलमान की तरह है। उनका छोटा बेटा अक्सर अपने अभिभावकों के प्रति तो प्यार व्यक्त करता ही है साथ ही वह जिस किसी लड़की से मिलता है उसे भी ‘आई लव यू’ बोलने से नहीं शर्माता है।

रानी ने इस बातचीत को आगे ले जाते हुए कहा, “सलमान मेरी इच्छा है कि तुम्हारी एक बेटी हो। आपकी बेटी बहुत सुंदर होगी। उसे आपकी सभी खूबियां मिले। हम वास्तव में आपकी बेटी के साथ अबराम का रिश्ता देख रहे हैं।”

इसके तुरंत बाद शाहरुख ने कहा, “हमें रानी को शो पर नहीं बुलाना चाहिए था। वह लोगों की शादियां करा रही हैं, जिससे लोग इस शो में अपने बच्चों की योजना बना रहे हैं। उन्हें ‘शादी मुखर्जी’ नाम से बुलाना चाहिए।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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