अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा को मंगेतर निक के साथ ‘प्रिक’ निकनेम पसंद

0
111

अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा को मंगेतर निक जोनस के साथ सेलेब्रिटी निकनेम ‘प्रिक’ पसंद है। ‘द हॉलीवुड रिपोर्टर’ के मुताबिक, निक ने शुक्रवार रात को ‘द टुनाइट शो’ में इसका खुलासा किया। इस दौरान प्रियंका दर्शकदीर्घा में बैठी थीं।

‘द टुनाइट शो’ के होस्ट फैलन ने जब उनसे पूछा कि क्या उनका कोई सेलिब्रिटी निकनेम भी है तो निक ने कहा कि प्रियंका को प्रिक पसंद है, इस पर होस्ट ने जोड़े से इस निकनेम के उपयोग से बचने की सलाह दी।

निक पहली बार प्रियंका के साथ अपने संबंधों को लेकर इतने मुखर दिखे। सगाई के बाद जोड़े की पारंपरिक रोका सेरेमनी हुई थी, जिसे निक ने समझाते हुए कहा कि इससे दोनों पक्षों के परिवार ने रिश्ते को मुहर लगा दी है। निक ने इस अनुभव को आध्यात्मिक बताया।

निक ने शो में कहा, “मुझे और प्रियंका को परिवार के साथ समय बिताकर अच्छा लगा। यह पल निजी था लेकिन हमने बाद में दुनिया को इसके बारे में बताया।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleचीन ने चली चाल – नेपाल को चार बंदरगाह के इस्तेमाल की दी अनुमति, भारत नेपाल के बीच दूरी बढ़ाने का है दावं
Next articleIND vs ENG, 5th Test, 2nd Day:,कब और कहां देखें Live Streaming
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here