माराकेच फिल्म फेस्ट सम्मान बाद भावुक हुईं अभिनेत्री प्रियंका चोपडा

0

अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा जोनस माराकेच फिल्म फेस्टिवल में हाल ही में सम्मानित किए जाने को लेकर गौरवान्वित महसूस कर रही हैं। प्रियंका ने इंस्टाग्राम पर अपनी खुशी जाहिर की।

उन्होंने लिखा, “यह सोच कर सही अच्छा लगता है कि मेरा करियर लगभग 20 साल पहले शुरू हुआ था। मैं आज रात माराकेच फिल्म फेस्टिवल में सम्मानित होकर गौरवान्वित महसूस कर रही हूं। आप सभी को धन्यवाद, जो जेमा अल फना स्क्वे यर आए। आभार।”

प्रियंका ने भावुक पोस्ट के साथ कई चित्र भी पोस्ट किए, जिनमें उन्हें ट्रॉफी पकड़े हुए देखा जा सकता है। विशेष आयोजन के लिए उन्होंने एक आईवरी साड़ी पहन रखी थी।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleUnnao Rape Case: पीड़िता के परिजनों को मुआवजे की महरम, 25 लाख और घर देगी यूपी सरकार
Next articleUnnao Rape Case: उन्नाव रेप पीड़िता के परिजनों से मिली प्रियंका, कहा कांग्रेस परिवार के साथ है….
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here