अभिनेत्री डेमी मूर ने नई किताब में यौन प्रताड़ना की आपबीती बताई

0
25

अभिनेत्री डेमी मूर ने खुलासा किया है कि 15 साल की उम्र में उनके साथ दुष्कर्म किया गया था। मिरर डॉट को डॉट यूके की रिपोर्ट में बताया गया कि डेमी ने अपनी किताब में अपने जीवन के हिला देनेवाले अनुभवों के बारे में लिखा है।

द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, इस किताब में उनके कष्टमय बचपन से लेकर महत्वाकांक्षी हॉलीवुड कैरियर की कहानी है।

इसमें हाई-प्रोफाइल अभिनेता ब्रुस बिलिस और एस्टन कोचर के साथ उनकी शादी की भी कहानी है, साथ ही उन्होंने तीन बेटियों को पाला है, उसकी भी कहानी है।

डेमी ने अपने अनुभवों को किताब में लिखने को लेकर कहा, “यह रोमांचक है, और फिर भी मैं बहुत कमजोर महसूस करती हूं। मुझे यह पता लगाना था कि ऐसा क्यों है, क्योंकि मेरी सफलता ने मुझे पागल नहीं बनाया है। यह एक वापसी की बजाय पुनरुत्थान है।”

अभिनेत्री ने एस्टन के साथ रोमांस के दौरान गर्भपात होने की भी चर्चा की है। उन्होंने साल 2005 में गर्भावस्था में अपनी छह महीने की बच्ची को गर्भपात के कारण खो दिया था। तब वह 42 साल की थीं, जबकि एस्टन 27 साल के थे।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleखगोलविदों ने आकाशगंगा मे असामान्य युवा तारे की खोज की है
Next articleरियलमी का ये स्मार्टफोन आता है मात्र 8,999 रूपये में
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here