55 साल के हुए अभिनेता ऋतुराज, ‘न्यू इंडिया’ के लिए काम करने का जताया संकल्प

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अभिनेता ऋतुराज सिंह गुरुवार को लोकसभा चुनाव के परिणामों के दिन 55 साल के हो गए और इस मौके पर ऋतुराज ने कहा कि उन्होंने अधिक जिम्मेदार नागरिक बनने का संकल्प लिया है।

अपने इस खास दिन पर ऋतुराज ने एक बयान में कहा, “इस बार मैं अपने जन्मदिन को एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन के साथ साझा कर रहा हूं..जब चुनाव के परिणामों की घोषणा की जाएगी।”

उन्होंने कहा, “इस बार मेरे जन्मदिन के दिन न्यू इंडिया का भी जन्मदिन है। मैं एक अधिक जिम्मेदार नागरिक बनने और एक बेहतर राष्ट्र बनाने का वादा करता हूं।”

फिल्म ‘बद्रीनाथ की दुल्हनिया’ में ऋतुराज, वरुण धवन के पिता का किरदार निभा चुके हैं। उन्होंने टेलीविजन धारावाहिक ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में भी एक महत्वपूर्ण किरदार निभाया है। वेब सीरीज ‘हे प्रभु!’ और ‘क्रिमिनल जस्टिस’ में भी ऋतुराज काम कर चुके हैं।

उन्होंने कहा कि हालात के लिए राजनीतिक नेताओं को जिम्मेदार ठहराने के बजाय नागरिकों को ‘अधिक ईमानदार, प्रतिबद्ध और जिम्मेदार बनने की आवश्यकता है ताकि रहने के लिए एक बेहतर समाज का निर्माण किया जा सके।’

ऋतुराज ने यह भी कहा, “एक एक्टर होने के चलते हम लाइमलाइट में रहते हैं और इसलिए हमें ऐसे स्थान पर रहने का मौका मिला है जहां से लोग हमें देख और सुन सकते हैं। मुझे ऐसा लगता है कि सही संदेश को फैलाने की जिम्मेदारी हमारी है।”

आने वाले समय में ऋतुराज अमेजन प्राइम वीडियो के लिए ‘बंदिश बैंडिट्स’ में नजर आएंगे और इसके साथ ही उल्लू प्लेटफॉर्म के लिए ‘संस्कृति’ में एक नकारात्मक भूमिका को निभाएंगे और इनके अलावा ‘वश’ नामक एक फिल्म भी उनके पास है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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