उन्नति के लिए राशि के अनुसार करें ये आसान उपाय…, जानिए !

0
222

जीवन में सभी लोग उन्नति चाहते हैं और साथ सभी चाहते हैं कि उनके व्यापार में उन्नति हो और वे सफलता की सीढिय़ां चढ़ते जाएं। मगर आपको बता दें कि व्यापार में भी उतार-चढ़ाव आता रहता है । इसके लिए आज हम आपको कुछ उपाय बताने जा रहे हैं।

मेष राशि वाले व्यवसाय स्थल पर कांच या मिट्टी के पात्र में जल भरकर रखें। कांच के बर्तन में थोड़ा पानी डालकर पांच सफेद फूल रखें। पानी बदलते रहें। लोहे, स्टील या अन्य धातु, वॉटर कूलर, जग में पीने का पानी भरकर नहीं रखना चाहिए। मीठा खाकर जल पीकर प्रस्थान करना शुभकारी है।

वृष राशि वाले व्यवसाय स्थल पर चमकीले एवं हल्के रंगों का प्रयोग करके साज-सज्जा करें। किसी कोने में बैठने का स्थान बनाना चाहिए !

मिथुन राशि वाले हरे पत्तों सहित फूल लाकर अपनी दुकान या संस्था के ऑफिस में रखें। उत्तर या पूर्व की दीवार पर डॉल्फिन या पेंडुलम घड़ी अवश्य लगाएं।

कर्क राशि वाले किसी पवित्र नदी या सरोवर का जल कांच के पात्र में भरकर दुकान के पूजाघर में रखें। इसके आलावा कार्यसिद्धि यंत्र अपने पूजा घर में रख प्रतिदिन दर्शन करें।


SHARE
Previous articleडीएचएल ने लॉन्च किया नवोन्मेशी सड़क परिवहन, जानिए इसके बारे में !
Next articleटीम से जुड़ने के लिए जेम्स रोड्रिगेज कोलंबिया पहुंचे
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here