शनि अमावस्या पर करें शनि को प्रसन्न इस तरीके से

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जयपुर। शनिवार के दिन भगवान शनि की पूजा की जाती है, इनकी पूजा करने से जीवन में शनि दोष का निवारण होता है। कुंड़ली में अगर शनि दोष है तो कई परेशानी का सामना करना पडता है। शनि देव की पूजा करने से शनि के कुप्रभाव से बचा जा सकता हैं।

आज इस लेख में हम शनिदेव की आरती के बारे में बता रहे है। क्योकि जिस पर शनि की कुदृष्टी पडती है शनि के कारण वह बहुत परेशान रहता है।  इसके साथ ही आज शनिदेव को सरसो का तेल चढाने से भी शनिदोष का निवारण होता है।

आरती कीजै नरसिंह कुंवर की।

वेद विमल यश गाऊं मेरे प्रभुजी॥

पहली आरती प्रहलाद उबारे।

हिरणाकुश नख उदर विदारे॥

दूसरी आरती वामन सेवा।

बलि के द्वार पधारे हरि देवा॥

तीसरी आरती ब्रह्म पधारे।

सहसबाहु के भुजा उखारे॥

चौथी आरती असुर संहारे।

भक्त विभीषण लंक पधारे॥

पांचवीं आरती कंस पछारे।

गोपी ग्वाल सखा प्रतिपाले॥

तुलसी को पत्र कंठ मणि हीरा।

हरषि-निरखि गावें दास कबीरा॥

 

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