आम आदमी पार्टी भारत बंद में शामिल नहीं होगी

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दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) ने रविवार को स्पष्ट किया कि वह कांग्रेस द्वारा आहूत सोमवार के भारत बंद में शामिल नहीं होगी। यह बंद तेल कीमतों में भारी वृद्धि और रुपये में लगातार हो रही गिरावट के खिलाफ आयोजित किया गया है।

आप के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने आईएएनएस से कहा, “यद्यपि मुद्दा सही है, लेकिन कांग्रेस को ईंधन मूल्य वृद्धि और भारतीय रुपये में गिरावट के मुद्दे पर कोई नैतिक अधिकार नहीं है। इस बात को हजम कर पाना कठिन है कि कांग्रेस भारत बंद का आह्वान कर रही है।” भारद्वाज ने ठीक यहीं पर मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वह कांग्रेस की नीतियों को आगे बढ़ा रही है।

उन्होंने कहा, “मोदी सरकार पेट्रोल और डीजल कीमतों में अभूतपूर्व वृद्धि और भारतीय रुपये में रिकॉर्ड गिरावट को रोकने में अपनी विफलता के जरिए नागरिकों पर जुर्म कर रही है।” उन्होंने कहा कि मोदी सरकार मूल्य वृद्धि रोकने में पूरी तरह विफल रही है।

भारद्वाज ने कहा, “या तो इस सरकार को देश की आर्थिक हालात की समझ नहीं है या यह जानबूझकर आम आदमी की कीमत पर अपने खजाने भर रही है।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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