भारत का एक ऐसा मंदिर जहाँ शाम को जाने पर है रोक, अंदर गये वैज्ञानिक भी रह गये भौचक्के

0
71

जयपुर। आपने पहले कभी ऐसा सुना है कि कोई व्यक्ति मंदिर में नहीं जा सकता या मंदिर में जाने से रोक दिया जाता हो। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जहाँ शाम के समय जाना मना ही है। आपको बता दें कि राजस्थान में स्थित बाड़मेर से करीब 30 किलोमीटर पर एक छोटा सा गांव किराड़ू स्थित है। आपको बता दें कि इस गांव में एक मंदिर है। जानकारी के लिये बता दें कि इस गांव का नाम इस मंदिर के नाम पर ही रखा गया है। बताया जाता है कि 11वीं शताब्दी में किराड़ू राजपूतों के परमार वंश की राजधानी हुआ करती थी। लेकिन आज यहां चारों तरफ सन्नाटा छाया हुआ है। बता दें कि जो भी शख्स इस जगह के बारे में जानता है उसके चेहरे पर किराड़ू के नाम से ही दहशत पसर जाती है। इसको बाड़मेर का ऐतिहासिक मंदिर कहा जाता है जो कि श्रापित है।

जानकारी के अनुसार किराड़ू के बारे में जो भी किस्से और कहानियां मशहूर हैं, उन्हें जानने के बाद लोग हैरत में पड़ जाते हैं। इस मंदिर के आस-पास रहने वाले लोग इस मंदिर से जुड़े अपशकुनों और श्रापों के बारे में बताते रहते हैं। यहाँ के स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक मंदिर के बाहर एक बड़ा सा पत्थर है दरअसल यह एक कुम्हारिन है जोकि एक ऋषि के श्राप के कारण पत्थर बन गई थी। आपको बता दें कि इस मंदिर में शाम होते ही सन्नाटा पसर जाता है। यहाँ की सारी वास्तुकलाओं पर ताला लगा दिया जाता है।

बता दें कि सूरज ढलते ही इंसानी शरीर को इससे दूर कर दिया जाता है। कहते हैं कि जो भी शाम के बाद यहां रुकता है वो पत्थर बन जाता है।  वहाँ के लोगों का कहना है कि यहां मौजूद सभी पत्थर किसी जमाने में इंसान हुआ करते थे। शायद यही वजह रही है कि आज तक किसी ने कानूनी कायदों को चुनौती देने की जुर्रत नहीं की।

बता दें कि 19 शताब्दी में यहां भूकंप आया था, जिसकी वजह से इस मंदिर को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा था। कई सालों तक वीरान पड़े रहे इस मंदिर का रख-रखाव नहीं हो पाया था। जानकारी के लिये बता दें कि किराड़ू में कुल 5 मंदिर हैं, जिनमें से आज सिर्फ विष्णु और सोमेश्वर का मंदिर ही सही हालत में हैं। यहां मौजूद सभी मंदिरों में से सोमेश्वर मंदिर सबसे बड़ा है।  पैरानॉर्मल सोसाइटी ऑफ इंडिया के मेंबर ने मंदिर की गैलेरी में घोस्ट मशीन यानी इलेक्ट्रो मैग्नेटिक फील्ड को मापने वाला एक उपकरण रखा।

यहां पाया गया कि इंसानों के अलावा भी कोई दूसरी ताकत मौजूद है। मजेदार बात तो ये है कि नकरात्मक ऊर्जा के बारे में आज तक कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं। सभी पैमानों पर विशेषज्ञों ने माना है कि किराड़ू मंदिर वास्तुकला का अद्भुत नमूना है और यह जगह घूमने-फिरने के लिए पूरी तरीके से सुरक्षित है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here