HIV का एक दुर्लभ प्रकार आया सामने , जानिए क्या है यह ?

HIV जिसको हम दुनिया की सबसे घातक और लाइलाज बीमारी के नाम से जानते हैं । यह एक संक्रामण (यौन संक्रामण ) वाला रोग है ।

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जयपुर । HIV जिसको हम दुनिया की सबसे घातक और लाइलाज बीमारी के नाम से जानते हैं । यह एक संक्रामण (यौन संक्रामण ) वाला रोग है । यह एक प्रकार का वायरस है जो की हमारे शरीर को बीमार बनाता है । इस वायरस की यदि रोकथाम नहीं की जाये तो यह एड्स की बीमारी मे तब्दील हो जाता है ।

जी हाँ यह दोनों अलग अलग बीमारियाँ है पर यह होती एज्क ही वजह से हैं । जब तक शरीर में  एचआईवी का व्यारास होता है तब तक इस रोग के फेलने की आशंका बनी ही रहती है । पर जब रोकथाम नहीं की जाये और यह एड्स में बादल जाता है तो इसका ठीक होना , और बीमारी का शरीर में फेलना कोई भी नहीं रोक सकता है ।

ऐसे में इस एचआईवी वाइरस को लेकर हाल ही में एक बड़ी खबर आई है । जिसमे कई वैज्ञानिको के द्वारा किए गए शोध से यह बात पता चली है की एचआईवी का एक और नया प्रकार है । ह्यमून इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस (एचआईवी) के एक नये उपप्रकार की पहचान करने का दावा करते हुए कहा कि उनकी खोज दिखाती है जीनों के समूह के अनुक्रमण (जीनोम सीक्वेंसिंग) में अग्रणी रहने से अनुसंधानकर्ताओं को जीन में बदलाव यानि म्यूटेशन को रोकने में मदद मिल रही है।

1980 के दशक से लेकर 2001 के बीच लिए गए खून के नमूनों में से तीन व्यक्तियों में एचआईवी-1 समूह एम का उपप्रकार ‘एल’ मिला है। वर्ष 2000 में जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक किसी नये उपप्रकार की घोषणा के लिए तीन मामलों का अलग अलग पता चलना चाहिए। समूह एम एचआईवी-1 विषाणु का सबसे आम रूप है। उपप्रकार एल इस समूह का 10वां और दिशा-निर्देश जारी होने के बाद से पहला उपप्रकार है जिसकी पहचान हुई है।

 

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