चाइना की विकास दर मे आई भारी कमी, भारत पर हो सकता है असर

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जयपुर।  अमेरिका और चीन के बीच चल रहे ट्रेड वार के कारण कई देश और अर्थव्यवस्थाऐँ सकट में है। कई लाख लोगों की नौकरीयों पर तलवार लटकी हुई है। कई लोगों को इस ट्रेड वार से भारी संकट का सामना करना पड रहा है।

आपको बता दें, आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, चीन की वृद्धि 2019 की तीसरी तिमाही में 6 प्रतिशत तक लुढ़क गई। यह पिछले तीन दशकों में इसके द्वारा पाई गई सबसे कम वृद्धी दर है। यूएस और चीन द्वारा दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के एक दुसरे खिलाफ चल रहे ट्रेड वार से इसे जोडकर देखा जा रहा है।

नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स (एनबीएस) के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में समाप्त तिमाही में चीन का सकल घरेलू उत्पाद 6 फीसदी की दर से बढ़ा, जो 1992 के बाद की सबसे कमजोर तिमाही वृद्धि दर और पिछली तिमाही में 6.2 फीसदी से नीचे था।

इस सप्ताह अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने चीन के लिए 2019 के विकास के अनुमान को 6.2 प्रतिशत से 6.1 प्रतिशत तक बढ़ा दिया, जो लंबे समय से चल रहे व्यापार विवाद और घरेलू मांग को धीमा कर रहा था। इस बीच, चीन की जीडीपी ने साल 2019 की पहली तीन तिमाहियों में 6.2 प्रतिशत का विस्तार करके लगभग 69.78 ट्रिलियन युआन की कुल सकल वर्द्धी देखी।

गौरतलब है कि चाइना की जीडीपी ग्रोथ रेट मे गिरावट का असर भारत पर भी पडेगा। भारत पर इसका असर कैसा रहेगा इस बात का निर्धारण तो आने वाला वक्त ही बतायेगा। हालांकी चाइना की इस ग्रोथ रेट के गिरने की वजह अमेरिका के साथ उसका ट्रेड वार ही माना जा रहा है।

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