9 साल का है प्‍यार, प्रभास-अनुष्‍का के बीच, जानिए इसके बारे में !

0
257

बाहुबली के लीड एक्टर प्रभास का जन्‍म 23 अक्टूबर 1979 को हुआ था। क्या आपको पता है कि ‘बाहुबली’ प्रभास और फिल्म में उनकी पत्नी बनीं देवसेना यानी अनुष्का शेट्टी का रियल लाइफ अफेयर रहा है।

मगर हाल ही में किन्हीं कारणों के चलते दोनों का ब्रेकअप हो गया। हालांकि इस बारे में ना तो प्रभास ने कुछ बताया और ना ही अनुष्का ने कुछ बताया है।

मगर आपको बता दें कि वैसे एक समय ऐसा था जब प्रभास साउथ की हिट हिरोइन अनुष्का शेट्टी पर फिदा थे इतना ही नहीं प्रभास ने अनुष्का को करीब तीन साल तक शादी भी नहीं करने दी ।

इसके बारे में हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान प्रभास ने बताया कि वह अनुष्का को करीब 9 साल से जानते हैं और अच्छे दोस्त हैं।

हमारे बीच अफेयर की खबरें सुनकर कभी-कभी मैं भी हैरान हो जाता हूं।

इसके आगे प्रभास ने बताया कि हम दोनों एक दूसरे को जानते हैं मगर हमारे बीच प्यार जैसा कुछ नहीं है। यह नॉर्मल बात है जब भी दो एक्टर एक से ज्यादा फिल्मों में साथ काम करते हैं तो ऐसी अफवाहें उड़ती हैं


SHARE
Previous articleआखिर क्यों वरुण धवन गर्लफ्रेंड को रखते हैं सबसे छिपाकर, कारण जानकर हैरान हो जाएंगे !
Next articleRCB vs MI : आरसीबी 3 विकेट खोकर स्कोर 123, क्रीज पर कप्तान कोहली मौजूद
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here