राज्यसभा में हंगामा करने के आरोप में 8 सांसद हुए निलम्बित,संसद परिसर में शुरू विरोध प्रदर्शन

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संसद के मानसूत्र सत्र का आज आठवां दिन था, राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू ने कल राज्यसभा में हंगामा करने वाले विपक्षी दलों के 8 सांसदों को निलंबित कर दिया है, इन सांसदों को बचे हुए सत्र के लिए निलंबित किया गया है, निलंबित होने वाले सांसदों में डेरेक ओ ब्रायन, संजय सिंह, रिपुन बोरा, नजीर हुसैन, केके रागेश, ए करीम, राजीव साटव, डोला सेन हैं।रविवार की घटना पर नाराजगी जताते हुए नायडू ने कहा कि,”कल राज्यसभा के लिए सबसे खराब दिन था, कुछ सांसदों ने पेपर को फेंका, माइक को तोड़ दिया, रूल बुक को फेंका गया, इस घटना से मैं बेहद दुखी हूं, उपसभापति को धमकी दी गई, उनपर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई और मर्यादा की सारी हदें पार कर दी गईं”सभापति ने कहा,”उपसभापति के खिलाफ विपक्षी सांसदों की तरफ से लाया गया अविश्वास प्रस्ताव नियमों के हिसाब से सही नहीं है, सभापति की कार्रवाई के बाद भी सदन में हंगामा जारी रहा, ये शर्मनाक था”,
उपसभापति ने कहा कि सांसदों को नियम 256 के तहत निलंबित किया गया है, निलंबित सांसदों के सदन से बाहर जाने के बाद ही कार्यवाही जारी रहेगी।

इस कार्यवाही के बाद निलंबित विपक्ष के आठों संसद संसद भवन में गांधी प्रतिमा के सामने धरने पर बैठ गए हैं। इससे पहले निलंबित संसदों ने राज्यसभा में जोरदार हंगामा किया, जिसकी वजह से कार्यवाही को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।

 

लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने सांसदों के निलंबन की निंदा की समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, “मैं राज्यसभा के सदस्यों के इस तरह से बर्बर और अलोकतांत्रिक तरीके से निष्कासन की निंदा करता हूं. हम अपने सांसदों के बहाल होने तक प्रदर्शन करेंगे।”

वहीं सीपीएम के निलंबिल राज्यसभा सांसद केके रगेश ने एनडीटीवी से कहा,”मैं मांग करता हूं कि राज्यसभा से मेरे सस्पेंशन के फैसले को वापस लिया जाए।विपक्ष की मांग है कि सभी 8 राज्यसभा के सस्पेंडेड सांसदों का निलंबन वापस होना चाहिए. हमने कोई गलती नहीं की थी और ना ही सदन के किसी नियम को तोड़ा था. हमने यह मांग की थी कि राज्यसभा के उपसभापति कृषि बिल पर डिवीजन कराएं, सदन में वोटिंग हो… लेकिन उपसभापति ने हमारी मांग को नहीं माना और उनकी वजह से ही राज्यसभा में तनाव बढ़ा और हंगामा हुआ।

हालांकि आपको बता दें की विपक्ष के जोरदार हंगामे और विरोध के बीच रविवार को कृषि क्षेत्र से जुड़े दो विधेयक राज्यसभा में ध्वनि मत से पास हो गए हैं।

 

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