कोरोना की जानकारी के लिए 74 प्रतिशत लोग पारंपरिक मीडिया पर निर्भर : सर्वेक्षण

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नोवल कोरोनावायरस (कोविड-19) महामारी के बारे में किसी भी अपडेट के लिए करीब 74 प्रतिशत लोग पारंपरिक मीडिया पर निर्भर हैं। एक सर्वेक्षण में इस बात का खुलासा हुआ है। देशभर में इस बीमारी से 1,071 लोग प्रभावित हुए हैं।

‘आईएएनएस सी-वोटर गैलप इंटरनेशनल एसोसिएशन कोरोना ट्रैकर’ द्वारा 26 और 27 मार्च को किए गए एक दूसरे सर्वेक्षण में यह परिणाम सामने आया है।

सर्वेक्षण के दौरान पिछले एक सप्ताह के दौरान भारतीयों से पूछा गया कि आप कोरोना संबंधित जानकारी के लिए किन स्रोतों पर निर्भर हैं।

सर्वेक्षण के अनुसार, कुल 74.1 प्रतिशत लोग कोरोना से संबंधित जानकारी के लिए पारंपरिक मीडिया पर निर्भर हैं, जबकि 18.5 प्रतिशत लोग जानकारी के लिए सोशल मीडिया पर निर्भर हैं और महज 5.2 प्रतिशत लोग सामुदायिक जानकारी पर निर्भर हैं।

सर्वेक्षण से पता चला कि कोरोना संबंधी जानकारी के लिए 67.9 प्रतिशत लोग टेलीविजन पर निर्भर हैं, जबकि केवल 6.2 प्रतिशत लोग समाचार पत्रों पर निर्भर हैं।

कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए 21 दिनों के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के बाद, समाचार पत्रों की डिलीवरी बुरी तरह से प्रभावित हुई है।

सर्वेक्षण रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कोरोना के बारे में 5.1 प्रतिशत अपडेट व्हाट्सएप से प्राप्त हुए, जबकि चार प्रतिशत को फेसबुक से महामारी के बारे में जानकारी मिली। इसने बताया कि 9.4 प्रतिशत लोग अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर निर्भर हैं।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि केवल 2.7 प्रतिशत लोग महामारी के बारे जानकारी के लिए स्थानीय प्रशासन पर निर्भर हैं, जबकि 2.5 प्रतिशत लोग अपडेट के लिए दोस्तों और परिवार के सदस्यों पर निर्भर हैं।

सर्वेक्षण में, 2.3 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे नहीं कह सकते या नहीं जानते।

भारत में कोरोनावायरस के कारण 29 मौतों के साथ इससे संक्रमित लोगों की संख्या सोमवार को बढ़कर 1000 के पार हो गई है।

न्यूज सत्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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