विदेशों से 21 मार्च के बाद आए 64000 लोग : डॉ. हर्षवर्धन

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केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने बुधवार को बताया कि 21 मार्च के बाद विदेशों से आए करीब 64,000 लोगों में से 8,000 लोगों को क्वारेंटाइन किया गया और 56,000 लोगों को घरों में आइसोलेशन में रखा गया है। कोरोनावायरस (कोविड-19) पर गठित मंत्रिसमूह की उच्च स्तरीय बैठक में बुधवार को मौजूदा स्थिति की समीक्षा की गई।

डॉ. हर्षवर्धन की अध्यक्षता मंे गठित इस मंत्रिसमूह में शामिल विदेश मंत्री एस. जयशंकर, नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री (स्वंतत्र प्रभार), गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय, जहाजरानी, रसायन एवं उर्वरक राज्यमंत्री मनसुख मांडवीय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्वनी कुमार चौबे समेत चीफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत भी बैठक में मौजूद थे।

कोरोनावायरस के प्रकोप की रोकथाम के लिए प्रभावी उपाय के तौर पर सोशल डिस्टेंसिंग अर्थात लोगों के आपस में दूरी बनाने की अहमियत पर बल देते हुए डॉ. हर्षवर्धन ने लोगों से स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की।

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद देशभर में लॉकडाउन है। इस लॉकडाउन के दौरान हमें अपने घरों में भी सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने की आवश्यकता है।”

डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, “हम संक्रामक रोग से जूझ रहे हैं। खुद की और दूसरों की रक्षा के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि हम सरकार द्वारा जारी सभी प्रोटोकॉल व दिशनिर्देश का पालन करें, जिसका पालन नहीं करने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत कानूनी कार्रवाई हो सकती है।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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