Odisha में 6 विश्वविद्यालयों को मिले नए कुलपति

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ओडिशा के राज्यपाल प्रोफेसर गणेशी लाल ने सोमवार को राज्य संचालित छह विश्वविद्यालयों के कुलपति नियुक्त किए हैं। राज्यपाल अपने आधिकारिक काम के साथ ऐसे समय पर आगे बढ़े हैं, जब उन्होंने अपनी पत्नी सुशीला देवी को खो दिया है। विश्वविद्यालयों के चांसलर होने के नाते लाल ने यह सुनिश्चित किया कि छह विश्वविद्यालयों के नए कुलपति सोमवार को नियुक्त किए जाएं, ताकि उन्हें अपना नया कार्यभार संभालने के लिए कम से कम सात दिनों का वक्त मिल सके, क्योंकि वर्तमान कुलपतियों का कार्यकाल 30 नवंबर को समाप्त हो रहा है।

प्रोफेसर अपराजिता चौधरी, प्रोफेसर सबिता आचार्य, प्रोफेसर दीनबंधु साहू, प्रोफेसर एन. नागराजू, प्रोफेसर किशोर कुमार बासा और प्रोफेसर प्रफुल्ल कुमार मोहंती को क्रमश: रामा देवी महिला विश्वविद्यालय, उत्कल विश्वविद्यालय, फकीर मोहन विश्वविद्यालय, गंगाधर मेहर विश्वविद्यालय, उत्तर ओडिशा विश्वविद्यालय और खलीकोट विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया है।

एक बयान में कहा गया है कि लाल ने कुलपति को चार साल की अवधि के लिए नियुक्त किया है।

कॉलेज ऑफ डेवलपमेंट काउंसिल की पूर्व निदेशक और बरहमपुर विश्वविद्यालय में गृह विज्ञान की प्रोफेसर अपराजिता चौधरी को 37 से अधिक वर्षों का शिक्षण अनुभव है।

बयान में कहा गया कि उत्कल विश्वविद्यालय में मानव विज्ञान के प्रोफेसर आचार्य को 31 साल से अधिक का शिक्षण अनुभव है।

इसके अलावा कुलपति नियुक्त किए गए शिक्षा जगत के अन्य दिग्गजों को भी 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है।

बता दें कि राज्य की पहली महिला और ओडिशा के राज्यपाल की पत्नी सुशीला देवी का रविवार रात भुवनेश्वर के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया।

न्यज स्त्रोत आईएएनएस

 

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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