शकूरबस्ती रेलवे कोविड केयर सेंटर में अबतक 57 कोरोना भर्ती

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कोरोना के खिलाफ लड़ाई में रेलवे राज्य सरकारों का भरपूर सहयोग कर रही है। इस सिलसिले में रेलवे ने विभिन्न राज्य सरकारों को आइसोलेशन कोच उपलब्ध कराए हैं, जिनमें कोरोना मरीजों का इलाज चल रहा है। इसी कड़ी में रेलवे द्वारा दिल्ली सरकार को 503 कोविड केयस कोच उपलब्ध कराए गए हैं, जहां कोरोना मरीजों का इलाज किया जा रहा है। शकूरबस्ती स्थित एक ऐसे ही कोविड केयर सेंटर में अब तक कुल 57 मरीज भर्ती हुए हैं। इनमें से 26 मरीजों को डिस्चार्ज या शिफ्ट किया जा चुका है, जबकि 31 मरीज अभी भी इस आइसोलेशन कोच में भर्ती हैं।

गौरतलब है रेलवे ने राज्य सरकार की मांग पर 503 आइसोलेशन कोच मुहैया कराए हैं। ये 503 आइसोलेशन कोच दिल्ली क्षेत्र के नौ अलग-अलग स्थानों आंनद विहार टर्मिनल, शकूरबस्ती, दिल्ली सराय रौहिल्ला, दिल्ली सफदरजंग, दिल्ली शाहदरा, आदर्श नगर, दिल्ली छावनी, बादली और तुगलकाबाद स्टेशनों पर लगाए गए हैं।

उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने बताया कि 8048 बिस्तरों की सुविधा वाले इन डिब्बों के रख-रखाव के लिए इन स्टेशनों पर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही एम्बुलेंस के सुगम आवागमन के लिए सड़क मार्ग भी उपलब्ध है। शकूरबस्ती स्थित कोविड केयर सेंटर में अब तक कुल 57 मरीज भर्ती किए गए, जिसमें से 26 मरीजों को डिस्चार्ज या शिफ्ट किया जा चुका है, जबकि 31 मरीज अभी भी भर्ती हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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