कर्नाटक में Corona के फिर 521 नए मामले

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कर्नाटक में कोरोना के मामले फिर से बढ़ने लगे हैं। एक दिन में 521 नए मामले दर्ज किए गए, जबकि 350 मरीज ठीक हुए। राज्य के स्वास्थ्य बुलेटिन में रविवार को यह जानकारी दी गई। दैनिक बुलेटिन में कहा गया है, शनिवार को दर्ज किए गए 521 नए मामलों के साथ, राज्य में कोविड मामलों की संख्या बढ़कर 9,51,251 हो गई, जबकि 5,804 सक्रिय मामले हैं। इस बीच 350 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी मिली।

बेंगलुरु में केवल पांच रोगियों ने संक्रमण के कारण दम तोड़ दिया और शेष 30 जिलों में कोराना से मौत किसी की मौत नहीं हुई। राज्य में कोराना से मौतों की कुल संख्या 12,331 हो गई है। बेंगलुरु शहर में अब तक 4,479 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। बेंगलुरु में, 312 नए मामले सामने आए, जिसके साथ कुल संख्या 4,05,637 हो गई।

न्यूज सत्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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