देश में भाजपा के 500 कार्यालय बन चुके, 300 और बनेंगे: नड्डा

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भारतीय जनता पार्टी के देश भर में अब तक पांच सौ कार्यालय बन चुके हैं। वहीं तीन सौ और कार्यालयों पर काम चल रहा है। पार्टी देश के सभी जिलों में कार्यालय बनाने में जुटी हुई है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शुक्रवार को कर्नाटक के नौ कार्यालयों का शिलान्यास करते हुए ये बात कही। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने दिल्ली से कर्नाटक के कार्यकतार्ओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘मुझे आपको बताते हुए खुशी हो रही है कि देशभर में लगभग 500 कार्यालय बन चुके हैं और 300 पर काम चल रहा है, जिनमें ये कर्नाटक में 9 कार्यालय भी शामिल हैं। 2014 में पदभार संभालने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि हमें हर जिले में भाजपा का कार्यालय बनाना चाहिए।’

जेपी नड्डा ने कार्यालयों की जरूरत को लेकर कहा कि इससे कार्यकतार्ओं के अंदर एक संस्कार पैदा होता है और राजनीतिक सोच भी बढ़ती है। ये नए कार्यालय सभी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होंगे। कांफ्रेंस हॉल, ई.लाइब्रेरी, रिसर्च सेक्शन, आईटी विभाग के साथ ही कार्यकतार्ओं के बैठने की बेहतर सुविधा होगी।

नड्डा ने कोरोना काल में कर्नाटक इकाई के सेवा कार्यों की भी तारीफ की और कहा कि कर्नाटक में भाजपा कार्यकतार्ओं ने करीब 1.54 करोड़ फूड पैकेट्स, 50 लाख राशन किटे, 1.40 लाख मरीजों को दवाएं और 64.5 लाख सेनेटाइजर भी बांटे हैं। इसके लिए सभी कार्यकर्ता बधाई के पात्र हैं।

उन्होंने कहा कि कर्नाटक भाजपा इकाई ने कोरोना संकट में संपर्क अभियान में भी अच्छा काम किया है। 618 वीडियो कॉन्फ्रेंस, 728 ऑडियो कॉन्फ्रेंस करके लाखों लोगों तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश पहुंचाया है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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