दिल्ली पुलिस में 5 अफसरों के तबादले, संजय भाटिया बने मध्य जिला डीसीपी

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दिल्ली के उप-राज्यपाल ने बुधवार को दिल्ली पुलिस में बड़ा फेर-बदल कर डाला। उत्तर-पूर्वी दिल्ली जिला जब हिंसा की आग में जल रहा था, उसी दौरान एक साथ महकमे में पांच पुलिस अधिकारियों को ‘इधर से उधर’ किया जाना चर्चा का विषय बना हुआ है। जाफरबाद हिंसा के बीच में ही एक दिन पहले यानी मंगलवार को केंद्रीय सुरक्षा बल (सीआरपीएफ) से मूल कैडर में 1985 बैच के आईपीएस एस.एन. श्रीवास्तव को दिल्ली पुलिस में अचानक वापस ले आया गया। श्रीवास्तव दिल्ली पुलिस में विशेष आयुक्त कानून एवं व्यवस्था बनाए गए हैं।

केंद्र सरकार द्वारा एस.एन. श्रीवास्तव को उनके मूल कैडर में वापस लाने के अगले दिन ही यानी बुधवार को दिल्ली के उप-राज्यपाल अनिल बैजल का आदेश मिलते ही दिल्ली सरकार के गृह विभाग ने एक नई तबादला सूची जारी कर दी।

बुधवार को जारी तबादला सूची में पांच आईपीएस अफसरों के नाम हैं। इनमें शखधर मिश्रा, मंदीप सिंह, प्रमोद कुमार मिश्रा, संजय भाटिया और राजीव रंजन प्रमुख हैं। राजीव रंजन अब तक दिल्ली पुलिस कमिश्नर रहे अमूल्य पटनायक की गुडबुक में और उनके स्टॉफ-अफसर रहे हैं।

तबादला सूची के मुताबिक, डीसीपी आईजीआई एअरपोर्ट संजय भाटिया को मध्य जिले का डीसीपी (उपायुक्त) बनाया गया है। यहां से मंदीप सिंह को हटाकर क्राइम ब्रांच में भेजा गया है। अब तक रोहिणी जिले में एडिश्नल कमिश्नर के पद पर तैनात रहे शंखधर मिश्रा को यातायात पुलिस का एडिश्नल पुलिस कमिश्नर बनाया गया है। इसी तरह दिल्ली पुलिस आर्थिक अपराध शाखा में अब तक डीसीपी रहे प्रमोद कुमार मिश्रा को शंखधर मिश्रा के ट्रैफिक में जाने से खाली हुई रोहिणी जिले के डीसीपी की पोस्ट पर भेजा गया है।

हवाईअड्डे पर तैनात संजय भाटिया को मध्य जिले का डीसीपी बनाए जाने के बाद आईजीआई (एअरपोर्ट) डीसीपी के पद पर राजीव रंजन को भेजा गया है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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