Gujrat के अस्पताल में आग लगने से 5 Kovid मरीजों की मौत, पीएम ने शोक जताया

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गुजरात के राजकोट में शुक्रवार को कोविड अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में आग लगने से कम से कम 5 मरीजों की मौत हो गई। अस्पताल में इलाज करा रहे 7 अन्य कोरोनोवायरस रोगियों को बचा लिया गया।

आग लगने का कारण अभी ज्ञात नहीं है, लेकिन माना जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट इसकी वजह हो सकती है।

उदय शिवानंद मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल के आईसीयू में तड़के 3 बजे आग लग गई।

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने इस घटना की जांच का आदेश दिया है, इसकी जिम्मेदारी अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के ए.के. राकेश कौ सौंपी गई है।

इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, राजकोट में एक अस्पताल में आग लगने के कारण मरीजों की हुई मौत से बेहद दुखी हूं। मेरी संवेदना उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने इस दुर्भाग्यपूर्ण त्रासदी में अपने प्रियजनों को खो दिया। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। प्रशासन प्रभावितों को हर संभव सहायता सुनिश्चित कर रहा है।”

मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है।

नयूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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