Gurugram के ज्वेलरी स्टोर में लुटपाट मामले में 5 गिरफ्तार

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गुरुग्राम के रोशनपुरा इलाके में कथित रूप से एक ज्वेलरी स्टोर में हुई लूटपाट के मामले में गुरुग्राम पुलिस ने पांच लुटेरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह जानकारी शुक्रवार को दी। गिरफ्तार किए गए गुरुग्राम निवासी आरोपियों की पहचान मिंटू (24), हर्ष उर्फ सागर (19), टोनी (24), कैथल निवासी वरुण उर्फ सोनू (32) और दिल्ली के कापसहेड़ा निवासी सुनील के रूप में हुई है।

पुलिस के मुताबिक, मिंटू और सोनू को तकनीकी सहायता और विशिष्ट इनपुट की मदद से मंगलवार को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था।

मिंटू और सोनू से मिली जानकारी के आधार पर, पुलिस ने हर्ष टोनी और सुनील को बुधवार को गुरुग्राम के बादशाहपुर इलाके से गिरफ्तार किया।

गुरुग्राम के पुलिस प्रवक्ता सुभाष बोकन ने कहा, “अपराधियों ने लूट में अपनी संलिप्तता कबूल कर ली है और पुलिस को बताया है कि उन्होंने 150 ग्राम सोने के आभूषणों के साथ 13 लाख रुपये की लूट की है। हम सभी आरोपियों से पूछताछ कर रहे हैं और लूटी गई वस्तुओं को बरामद करने की कोशिश कर रहे हैं।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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