जम्मू-कश्मीर में कोरोना के 490 नए मामले, संक्रमितों की संख्या 20 हजार पार

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जम्मू-कश्मीर में पिछले 24 घंटे के दौरान शुक्रवार को कोरोनावायरसके 490 नए मामले पाए गए, जिससे केंद्र शासित प्रदेश में कोरोनावायरस मामलों की संख्या बढ़कर 20,359 हो गई है। इस दौरान इस वायरस से 12 लोगों की मौत हो गई है, जिससे यहां मरने वालों की संख्या बढ़कर 377 हो गई है। सूचना और जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि शुक्रवार को 490 लोगों को पॉजिटिव पाया गया, जिसमें जम्मू संभाग से 143 मामले और कश्मीर संभाग से 347 मामले सामने आए हैं। यहां इस वायरस से 12 लोगों की मौत हो गई, जिसमें कश्मीर संभाग से 10 और जम्मू संभाग 2 लोग हैं।

केंद्र शासित प्रदेश में अब इस वायरस से 12,217 मरीज ठीक हो चुके हैं। यहां सक्रिय मामलों की संख्या अब 7,765 हो गई है, जिसमें जम्मू संभाग से 1,913 मरीज हैं, वहीं कश्मीर संभाग में 5,852 सक्रिय मरीज है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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