डेटा बैकअप का उपयोग नहीं करते 45 फीसदी भारतीय : सर्वे

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करीब आधी भारतीय आबादी अपने डेटा बैकअप (दस्तावेजों को सुरक्षित रखना) की प्रक्रिया को नहीं अपनाती, क्योंकि उन्हें लगता है कि उनका डेटा या फाइलें महत्वपूर्ण नहीं हैं। इसके अलावा जो लोग अपना डेटा बैकअप को संजोकर रखते हैं, वे महीने में एक बार ही ऐसा करते हैं।

यह बात सोमवार को एक सर्वेक्षण में सामने आई है। साइबर सिक्योरिटी कंपनी अवास्ट के सर्वेक्षण के अनुसार, सर्वे में शामिल लोगों (उत्तरदाताओं) द्वारा अपने डेटा का बैकअप नहीं रखने के कई कारण बताए गए हैं। लोगों ने बताया कि वह नहीं जानते कि इस प्रक्रिया को कैसे करना है। इसके अलावा कुछ लोगों ने समय नहीं होने और इसके बारे में भूल जाने की बात को भी स्वीकार किया।

सुरक्षा मामलों में अवास्ट के पदाधिकारी लुइस कोरोनस ने एक बयान में कहा, “यह हो सकता है कि कई लोग जानते नहीं हैं कि वे बैकअप कर रहे हैं, क्योंकि यह बैकग्राउंड में स्वचालित रूप से हो सकता है। हालांकि अन्य लोग वास्तव में बिल्कुल भी बैकअप नहीं करते। वह ऐसा नहीं करते क्योंकि वे मानते हैं उन्हें इसकी कोई जरूरत नहीं है।”

उन्होंने कहा, व्यक्तिगत दस्तावेजों, फोटो और वीडियो को खोना एक दर्दनाक अनुभव हो सकता है। जब ऐसा कुछ होता है, तभी उन्हें एहसास होता है कि वास्तव में यह कितना मूल्यवान है।

सर्वेक्षण में सामने आया है कि जो लोग अपने डेटा का बैकअप लेते हैं, उनमें से लगभग 42 प्रतिशत भारतीय क्लाउड स्टोरेज का उपयोग करते हैं। इसके बाद अपना डेटा सुरक्षित रखने के लिए क्रमश: हार्ड ड्राइव, यूएसबी या फ्लैश डिस्क, फोन या निजी कंप्यूटर में स्टोर करने का काम किया जाता है।

डेटा सुरक्षित रखने के मामले में आईफोन और एंड्रॉएड यूजर्स में कोई खास अंतर देखने को नहीं मिला है। इन फोन मालिकों की बात करें तो क्रमश: 69 और 70 प्रतिशत लोग ही डेटा की अहमियत को समझते हुए इसका उपयोग करते हैं।

इसके अलावा बैकअप डेटा को सुरक्षित करने से संबंधित जानकारी के मामले में आईफोन और एंड्रॉएड यूजर्स में कुछ अंतर जरूर देखने को मिला है। इनमें क्रमश: 13 प्रतिशत और 17 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जिन्हें इसकी जानकारी नहीं है। यानी ऐसे एंड्रॉएड यूजर्स अधिक हैं, जिन्हें डेटा बैकअप के बारे में जानकारी नहीं है। यह सर्वेक्षण 20 फरवरी से 25 मार्च के बीच 728 अवास्ट और एवीजी यूजर्स के बीच किया गया है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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