Rajasthan के 4 छात्र हुए राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित

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32 बच्चों में से राजस्थान के चार छात्रों को उनकी असाधारण क्षमताओं और उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कक्षा 11 के छात्र आनंद कुमार को स्कॉलैस्टिक उपलब्धि श्रेणी के तहत चुना गया था। वह जेईई-एडवांस्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।

कक्षा 9 के अर्चित राहुल पाटिल को नवाचार के लिए सम्मानित किया गया। कक्षा 9 के अन्य दो छात्रों, अन्वेश शुभम प्रधान और अनुज जैन को उनकी विद्वतापूर्ण उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।

आनंद ने मैथमेटिक्स एसोसिएशन ऑफ अमेरिका को गणित में एक शोध पत्र प्रस्तुत किया था। वह अमेरिका के ‘स्पिरिट ऑफ विवेकानंद 2020’ में शीर्ष 14 छात्रों में शामिल थे। आनंद ने प्रयागराज में हरिश्चंद्र रिसर्च इंस्टीट्यूट से प्रोफेसर आर थंगादुरई के तहत अपना शोध पत्र पूरा किया और उनके शोध पत्र को स्विट्जरलैंड स्थित पत्रिकाओं में भी छापा गया है।

अर्चित राहुल पाटिल को ‘लाइफसैविंग अल्ट्रा लो कॉस्ट सिलिकॉन डिवाइस पोस्टपार्टम हेमरेज कप’ विकसित करके नवाचार के लिए सम्मानित किया गया है। यह कप गर्भावस्था के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव को रोकता है। आइरिस और इंटेल ने उन्हें इस नवाचार के लिए सम्मानित भी किया है।

अनुज जैन ने अंतर्राष्ट्रीय अर्थ साइंस ओलंपियाड 2019 में रजत पदक जीता और प्रोग्रामिंग के लिए टोरंटो विश्वविद्यालय में लाया गया। वह अमेरिका में स्टैनफोर्ड प्री-कॉलेज अध्ययन के लिए चुने गए। एनटीएसई में चौथे स्थान पर रहते हुए, उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार जीते हैं।

अन्वेश शुभम प्रधान ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 400 से अधिक पदक और प्रमाण पत्र हासिल किए हैं। उन्होंने सिंगापुर और एशियन स्कूल मैथ्स ओलंपियाड में तीन स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। उन्होंने थाईलैंड अंतर्राष्ट्रीय गणित ओलंपियाड में स्वर्ण पदक भी जीता है।

news source आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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