दिल्ली में परिवार के 3 लोगों की हत्या, जानिए पूरा मामला !

0
80

दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में एक ही परिवार के तीन लोग मृत पाए गए हैं। पुलिस ने बताया कि एक घर में एक शख्स, उसकी पत्नी और बेटी की लाश मिली। उनके शरीर पर तेजधार हथियार के निशान मिले हैं जबकि बेटा गंभीर रूप से घायल है।

पुलिस उपायुक्त बिनीता मैरी जायकर ने कहा कि पीड़ित के पड़ोसी ने सुबह लगभग पांच बजे फोन कर घटना की जानकारी दी।

उन्होंने कहा, “मृतक मिथिलेश उनकी पत्नी सिया और बेटी नेहा ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया जबकि बेटे का इलाज चल रहा है।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleदवा दिलाने के बहाने ले जाकर पिता ने अपनी ही बेटी के साथ की ऐसी हैवानियत, बहू के साथ भी कोशिश लेकिन हुआ कुछ ऐसा की दंग रह गए लोग
Next articleविश्व क्रिकेट के टॉप 10 सबसे फिट क्रिकेटर, नंबर 1 पर मरती हैं लाखों लड़कियां
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here