इस इमारत में रहते है 200 परिवार, जानें इसके बारे में !

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वर्तमान समय में बढती जनसँख्या के चलते जगह की कमी को साफ़ महसूस किया जा सकता हैं ,जिसकी वजह से आजकल फ्लेट सिस्टम से घर बनने लगे हैं । मगर आज हम आपको एक ऐसी इमारत के बारे में बताने जा रहे हैं जिसमें करीब 200 परिवार एक साथ रहते हैं ।

आपको बता दें कि, अमेरिका के उत्तरी राज्य अलास्का का छोटा सा कस्बा। इस कस्बे का नाम है व्हिटियर। यह कस्बा अपनी बसावट और व्यवस्था के लिए प्रसिद्ध है । इस पूरे कस्बे में मात्र एक 14 मंजिला इमारत ‘बेगिच टॉवर’ है। यही कारण है कि इसे वर्टीकल टाउन भी कहते हैं ।

इस इमारत में केवल लोग ही नहीं रहते, बल्कि उनकी आवश्यकता और जरूरत की हर सामग्री मौजूद हैं । इतना ही नहीं, इमारत में पुलिस स्टेशन, स्वास्थ्य सेवा केंद्र, प्रोविजन स्टोर, लॉन्ड्री और तल मंजिल पर चर्च भी मौजूद हैं । इनमें काम करने वाले कर्मचारी और मालिक भी इसी इमारत में रहते हैं ।

 

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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