मानहानि मामले में 2 गवाहों ने विवेक डोभाल के पक्ष में बयान दर्ज कराए

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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार(एनएसए) अजित डोभाल के बेटे विवेक डोभाल के व्यापारिक मित्र अमित शर्मा ने यहां एक अदालत में कहा कि कांग्रेस और कारवां पत्रिका द्वारा उनके(विवेक) खिलाफ लगाए गए आरोप ‘गलत और दुर्भावनापूर्ण’ हैं। अपना बयान दर्ज कराते हुए, शर्मा ने कहा कि कांग्रेस नेता और कारवां पत्रिका के आलेख के लेखक द्वारा लगाए गए आरोप अपमानजनक हैं।

शिकायकर्ता के गवाह के रूप में, शर्मा ने अतिरिक्त महानगर दंडाधिकारी समर विशाल के समक्ष कहा कि आरोपों से विवेक डोभाल की छवि और करियर को नुकसान पहुंचा है।

उन्होंने कहा कि विवेक डोभाल एक ईंमानदार व्यक्ति हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जब वह उनके व्यापारिक मित्र बने, तो उन्हें पता भी नहीं था कि विवेक के पिता कौन हैं।

उन्होंने कहा, “बाद में जब उनके पिता राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बने, तभी मैंने उनके पिता के बारे में जाना। विवेक ने शुरुआत से ही कह दिया था कि उनके पिता या पारिवारिक पृष्ठभूमि का इस्तेमाल व्यापारिक उद्देश्यों के लिए नहीं किया जाना चाहिए।”

विवेक के एक और दोस्त निखिल कपूर ने भी शिकायतकर्ता गवाह के रूप में अपना बयान दर्ज करवाया और कहा कि आलेख पढ़कर वह काफी दुखी हो गए थे।

दोनों गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद, अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 22 फरवरी को मुकर्रर कर दी, जहां आरोपी को तलब करने को लेकर बहस होगी।

अदालत में जयराम रमेश, कारवां पत्रिका और आलेख के लेखक के खिलाफ विवेक डोभाल द्वारा दर्ज कराए गए मानहानि के एक मामले की सुनवाई हो रही थी।

विवेक डोभाल ने इससे पहले सुनवाई में कहा था कि आलेख में डोभाल परिवार को डी कंपनी बताया गया है, जबकि डी कंपनी भारत के सबसे वांछित अपराधी दाऊद इब्राहिम के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

विवेक डोभाल ने आरोप लगाया था कि आलेख के जरिए उनकी छवि और व्यापार को हानि पहुंचाने की कोशिश की गई और यह भारतीय दंड संहिता के तहत अपराध है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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