झारखंड में विमान से लाए गए 180 प्रवासी मजदूर

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झारखंड की राजधानी रांची के हवाईअड्डे पर गुरुवार को एयर एशिया के विमान से 180 प्रवासी मजदूरों को लाया गया। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसके लिए एलुमनाई नेटवर्क ऑफ नेशनल स्कूल ऑफ बेंगलुरु का आभार जताया है।

झारखंड सरकार द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि एयर एशिया के विमान से गुरुवार को राज्य के 180 श्रमिक झारखंड पहुंचे। इससे पूर्व झारखंड ने सबसे पहले पहल कर ट्रेन के माध्यम से श्रमिकों को वापस अपने घर ला चुका है और यह क्रम अब भी जारी है।

सोरेन ने कहा, “यही मानवता है। इस पुनीत कार्य के लिए एलुमनाई नेटवर्क ऑफ नेशनल स्कूल ऑफ बेंगलुरु का योगदान सदैव सराहा जाएगा। इस तरह के कार्य से अन्य लोग भी प्रेरित होंगे।”

मुख्यमंत्री ने हाल ही में कहा था कि जरूरत हुई तो राज्य सरकार श्रमिकों को विमान से अपने घर वापस लाएगी, और ऐसा हुआ भी।

उल्लेखनीय है कि विमान से झारखंड वापस लाने की अनुमति देने के लिए मुख्यमंत्री ने गृहमंत्री को दो बार पत्र भी लिख चुके हैं।

सरकार ने दावा करते हुए कहा, “लॉकडाउन के बाद यह देश में पहला मौका है, जब प्रवासी मजदूरों को विमान से अपने राज्य वापस लाया गया। प्रवासी मजदूरों के यहां आने के बाद स्क्रीनिंग हुई और भोजन दिया गया। इसके बाद बस से उन्हें उनके गंतव्य को भेजा गया।”

मुंबई से रांची पहुंचे श्रमिकों में बोकारो के 5, धनबाद के 9, देवघर के 10, जामताड़ा के 2, गोड्डा व गुमला के एक-एक, गिरिडीह के 29, हजारीबाग के 41, कोडरमा के 11, चतरा के 5, गढ़वा के 2, पलामू के 9, पूर्वी सिहभूम के 3, पश्चिमी सिंहभूम के 8, सिमडेगा 28 और रांची जिला के 16 प्रवासी श्रमिक शामिल थे।

न्यजू स्त्रोत आईएएनएस

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