सोमवार से 18 निकासी उड़ानें कर्नाटक पहुंचेंगी

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वंदे भारत अभियान के दूसरे चरण में राष्ट्रीय वाहक एयर इंडिया और इसकी सहायक एयर इंडिया एक्सप्रेस की कुल 18 निकासी उड़ानों की मदद से विदेश में फंसे भारतीयों की देश वापसी कराई जाएगी। सोमवार से 3 जून तक ये विमानें तमाम देशों से भारतीय नगारिकों को लेकर कर्नाटक पहुंचेगी। एक अधिकारी ने रविवार को इसकी सूचना दी।

एयर इंडिया के एक अधिकारी ने यहां आईएएनएस को बताया, “कर्नाटक के लिए अभियान के दूसरे चरण की पहली उड़ान एयर इंडिया एक्सप्रेस द्वारा सोमवार की शाम को दुबई से मंगलुरु तक होगी और शेष 17 विमानों को अगले 17 दिन की अवधि में बेंगलुरु लैंड कराया जाएगा।”

7 से 17 मई तक संचालित मिशन के पहले चरण में एयर लाइन और इसकी सहायक छह विमानों की मदद से 11 से 15 मई के बीच राज्य में 800 यात्री लाए गए, जिनमें लंदन, सिंगापुर, सैन फ्रांसिस्को और दुबई से 623 यात्रियों को राज्य की राजधानी में लाया गया और 177 यात्रियों की लैंडिंग मंगलुरु हवाईअड्डे पर हुई।

अधिकारी ने कहा, “दूसरे चरण में एयर इंडिया 18 मई से 3 जून तक बेंगलुरु और मंगलुरु के लिए अपने 15 व सहायक तीन विमानों का संचालन करेगी। कुछ विमानें विभिन्न विदेशी गंतव्यों से नई दिल्ली व मुंबई से होकर आएगी।”

जिन 15 विदेशी गंतव्यों से यात्रियों को वापस लाया जाएगा, उनमें मेलबॉर्न (ऑस्ट्रेलिया), टोरंटो और वैंकूवर (कनाडा), पेरिस, फ्रैंकफर्ट (जर्मनी), जकार्ता, डबलिन, कुआलालंपुर, मेल, मस्कट, मनीला, दोहा, दम्माम (सऊदी अरब), सिंगापुर, दुबई और न्यूयॉर्क, सैन फ्रांसिस्को और वाशिंगटन डीसी शामिल हैं।

इन यात्रियों को 14 दिनों के लिए क्वारंटाइन में रखने के लिए राज्य सरकार की ओर से कई होटल, रिजॉर्ट, गेस्ट हाउस बुक किए गए हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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